सिंधु पहली वर्ल्ड चैंपियन भारतीय बनने की ओर

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ग्लास्गो ओलिंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने चीन की चेन युफेई पर आसान जीत से वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया। इससे वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की ओर हैं। 22 वर्षीय सिंधु ने दुनिया की 10वें नंबर की चेन को बीती रात महिला एकल के सेमीफाइनल में सीधे गेम में 21-13, 21-10 से जीत दर्ज कर भारत के लिए कम से कम रजत पदक तो पक्का करा दिया, क्योंकि हमवतन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। 

फाइनल मुकाबले में सिंधु का सामना जापान की नोजोमी ओकुहारा से होगा, जिन्होंने शनिवार को पहले सेमीफाइनल में साइना को 12-21, 21-17, 21-10 से मात दी थी। साइना के सेमीफाइनल में हारने से भारतीय खिलाड़ियों के बीच फाइनल मुकाबले की उम्मीद भी समाप्त हो गई थी। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु का पहला फाइनल होगा, जिससे यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह सिंधु का तीसरा पदक होगा क्योंकि वह 2013 और 2014 में सेमीफाइनल में हारने के बाद दो बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। वह इससे भी बेहतर कर इतिहास रच सकती हैं। खिताब जीतकर वह पहली भारतीय वर्ल्ड चैंपियन शटलर बन जाएंगी। 

भारत ने इससे पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक रजत (साइना के 2015 के जरिए) और 4 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। प्रकाश पादुकोण 1983 में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे, जिसके बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने 2011 में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस जीत से सिंधु विश्व चैंपियनिशप के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय बन गई हैं, इससे पहले जकार्ता में पिछले चरण में साइना ने यह उपलब्धि हासिल की थी। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी होगा क्योंकि देश अब पहली बार इसमें दो पदक अपने नाम करेगा। 

 सिंधु का ओकुहारा के खिलाफ पिछली 6 भिडंत में फाइनल का रेकॉर्ड 3-3 से बराबरी का रहा है। लेकिन रियो ओलिंपिक और 2017 सिंगापुर ओपन में पिछले 2 मुकाबलों इस भारतीय का पलड़ा भारी रहा है। जब से सिंधु यहां आई हैं, तो वह अपने कांस्य पदक (2013 और 2014 में) और रजत पदक (2016 ओलिंपिक) का रंग (स्वर्ण पदक में) बदलना चाहती हैं। सेमीफाइनल मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि अगर रंग बदलने की बात है, तो क्या रजत पदक, इस पर सिंधु ने कहा, 'अरे नहीं, यह काफी नहीं होगा। आज जीतना अहम था क्योंकि मैं अपने पदकों का रंग बदलना चाहती हूं। मैं जीतना चाहती हूं और मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतने का है और मेरा ध्यान इसी पर लगा है।'

उन्होंने कहा, 'जब आप फाइनल में पहुंचते हो, तो आप जीतना चाहते हो। आप देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहते हो और आप देश के लिए कुछ भी कर सकते हो। पिछले साल रियो में भी ऐसा ही था और मैं अपने देश के लिये पदक जीतना चाहती हूं।' सिंधु ने कहा, 'फाइनल में मुकाबला कठिन होगा। हालांकि मैंने उसे (ओकुहारा) को ओलिंपिक में हराया है, लेकिन यह नया मुकाबला होगा और रणनीति भी नई होगी। वह भी नए स्ट्रोक्स खेलेगी और मुझे इसके लिए तैयार होना होगा। मैं स्वर्ण पदक के लिये जी जान लगा दूंगी।'

सेमीफाइनल मुकाबले के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'हालांकि स्कोर से नहीं दिखता, लेकिन वह (चेन) हर अंक के लिए लड़ी और बढ़त बनाने के बावजूद यह कठिन मैच था।' उन्होंने कहा, 'इसमें लंबी रैलियां थीं और वह किसी भी शटल को छोड़ नहीं रही थीं। लेकिन अच्छा है कि यह (सफर) खत्म नहीं हुआ है। एक और मैच खेलना है। मुझे ध्यान लगाए रखना होगा।' सेमीफाइनल मैच से पहले सिंधु का 19 वर्षीय चीनी खिलाड़ी के खिलाफ रेकॉर्ड 1-1 से बराबर था, वह अप्रैल में मलयेशिया ओपन में उससे हार गई थीं। लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर अपनी हार का बदला चुकता किया। मैच के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने लंबी रैली खेली, जिसमें चेन ने अपने नियंत्रित रिटर्न से भारतीय खिलाड़ी को पस्त करने का प्रयास किया। 

शुरू में दोनों 3-3 से बराबरी पर थी, लेकिन मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन चेन ने लंबी रैली से अंक जुटा लिया। चौथी वरीय भारतीय ने रैलियों पर दबदबा बनाने की कोशिश की और 8-8 की बढ़त बना ली। चेन के नेट पर हिट करने से सिंधु 9-8 से आगे हो गई। भारतीय खिलाड़ी ने स्मैश से एक अंक और जुटाकर 11-8 की बढ़त हासिल कर ली। फिर सिंधु ने शुरु से ही रैलियों पर आक्रमण करने का प्रयास किया और अपने सटीक ड्राप व स्मैश से 13-8 से आगे हो गई। वह अपने प्रत्येक अंक का जश्न मनाते हुए 15-9 से आगे हो गई। 

हालांकि बेसलाइन के पास कुछ रिटर्न को सही से नहीं आंकने के कारण इस भारतीय ने कुछ अंक गंवाए लेकिन जल्द ही वापसी करते हुए 19-13 से बढ़त बना ली। एक और रैली ने के बाद सिंधु ने 7 गेम अंक जुटा लिए। चेन के लंबा शॉट फेंकने से उन्होंने पहला गेम जीत लिया। सिंधु इसी फॉर्म में जारी रहीं और 4-0 से आगे हो गई। चीनी खिलाड़ी को काफी मुश्किल हो रही थी और कुछ गलतियों के बाद उसने कुछ शॉट वाइड फेंके। 

सिंधु ने सर्विस में बदलाव करने और अपनी रैलियों की तेजी में बदलाव करने की कोशिश की। उनकी यह रणनीति कारगर रही और वह 8-0 से आगे हो गई। सिंधु संयमित दिख रही थी और ब्रेक तक उन्होंने 11-1 से बढ़त बना ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने यह दबदबा जारी रखा और आसानी से 15-3 से आगे बनी रहीं। चेन के एक बार फिर वाइड शॉट लगाने से वह जल्द ही मैच प्वाइंट पर पहुंच गई। चेन के लंबा शॉट फेंकने से मुकाबला खत्म हो गया।