वर्कआउट कर सानिया मिर्जा ने घटाया 26 किलो वजन

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भारत की सबसे मशहूर विमेन टेनिस प्लेयर और टेनिस सनसनी के नाम से मशहूर सानिया मिर्जा एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह है सानिया का गजब ढाने वाले ट्रांसफॉर्मेशन। जी हां, सानिया ने 1 दिन पहले इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए बताया उन्होंने अपना वजन 89 किलो से 63 किलो कर लिया है और इस तरह कड़ी मेहनत के जरिए महज 4 महीने में सानिया ने 26 किलो वजन कम कर लिया। सानिया की मानें तो बच्चे के जन्म के बाद उनका वजन काफी बढ़ गया था। इसलिए उन्होंने अपने लिए एक लक्ष्य तय किया था ताकि वो भी फिर फिर और हेल्दी हो सकें और 4 महीने की कड़ी मेहनत के बाद सानिया ने अपने इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है। 33 साल की सानिया मिर्जा ने साल 2018 में बेटे इजान को जन्म दिया था। सानिया के वेट लॉस का सफर प्रेरणादायक है हर उस मां के लिए जो बच्चे के जन्म के बाद ये मानकर बैठ जाती हैं कि वजन घटाना उनसे ना हो पाएगा।डिलिवरी के महज 15 दिनों बाद ही सानिया ने जिम जॉइन कर लिया था और प्रेग्नेंसी के दौरान भी सानिया ने वर्कआउट जारी रखा और प्रीनैटल योग भी किया। सानिया ने वेट लॉस के लिए हर दिन जिम में 4 घंटे वर्कआउट किया। इसके अलावा 100 मिनट का कार्डियो, 1 घंटे किक बॉक्सिंग और पिलाटेज की ट्रेनिंग भी सानिया करती थीं।सानिया जिन एक्सर्साइजेज को नियमित रूप से करती हैं उसमें प्लैन्क शामिल है। प्लैन्क बेहद फायदेमंद और असरदार कोर एक्सर्साइज है जिससे आपकी पूरी बॉडी को स्ट्रेंथ मिलती है। ये एक बॉडी वेट एक्सर्साइज है जिससे मसल्स स्ट्रॉन्ग बनती हैं, पेट की चर्बी घटाने में मदद मिलती है और वजन कम करने में भी मदद मिलती है।एक तो होता है नॉर्मल पुश अप जिसमें आप पेट के बल जमीन पर लेटकर अपने दोनों हाथों से जोर लगाकर शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं। लेकिन दूसरा है स्टेबिलिटी बॉल पुश अप। स्टेबिलिटी बॉल जिसे आम बोलचाल की भाषा में जिम बॉल भी कहते हैं उस पर अपने पैरों को रखकर और फिर पुश अप करना भी एक बेहतरीन एक्सर्साइज है। इस एक्सर्साइज के जरिए भी पेट की मांसपेशियों पर प्रेशर पड़ता है और पेट के आसपास जमा चर्बी को कम करने में मदद मिलती है।अपने वर्कआउट और एक्सर्साइज प्लान के तहत सानिया मिर्जा वेट ट्रेनिंग भी करती हैं। इस एक्सर्साइज के जरिए भी वजन घटाने में और वेट को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। वेट ट्रेनिंग एक्सर्साइज से आपकी स्ट्रेंथ मजबूत होती है, नींद अच्छी आती है, हड्डियां मजबूत बनती हैं। हालांकि इस एक्सर्साइज को करने के दौरान किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें।