महिला कबड्डी खिलाड़यों को मिले बराबरी का दर्जा

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देश में कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान और अर्जुन अवार्डी ममता पुजारी महिला खिलाड़यों के बेहतर एक्सपोजर के लिए पुरूष प्रो कबड्डी लीग की तर्ज पर महिला कबड्डी लीग के अगले सीजन में महिला खिलाड़यों की भी नीलामी चाहती हैं।

महिला कबड्डी लीग के पहले सत्र में फायर बर्ड्स की कप्तान ममता ने  बातचीत में कहा कि पुरूष प्रोफेशनल कबड्डी के पिछले सीजन में पहली बार महिला खिलाड़यों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया किया जिसे लेकर मैं बहुत खुश थी। पिछले सीजन में केवल तीन टीम ही बन पाई थी इसलिए खिलाड़यों की नीलामी नहीं कराई गई। लेकिन, अगले सीजन में यदि अधिक टीम बन पाती है तो मैं चाहूंगी कि पुरुष टीम की तरह महिला खिलाड़यों की भी नीलामी हो। इससे महिलाओं का कबड्डी के प्रति रुझान बढ़ेगा।

खेल में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम सुविधाएं मिलने के बारे में पूछे जाने पर ममता ने कहा कि वह ऐसा नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि वह यदि कबड्डी के बारे में बात करें तो एशियाई खेलों के समय कैंप में जितनी सुविधाएं पुरुष टीम को दी गई उतनी ही सुविधा महिला टीम को भी मिली। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि देश के खेल गलियारे में महिलाओं का महत्व कम है। लेकिन, हां यदि क्रिकेट के मुकाबले कबड्डी की बात करें तो सुविधाओं के लिहाज से अंतर जरूर दिखता है।

ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी एक महिला के लिए खेल में करियर बनाने में होने वाली दिक्कतों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शुरुआत में मुझे थोड़ी बहुत दिक्कत हुई थी। मेरे गांव के लोगों ने ही ताना मारना शुरू कर दिया था कि मैं छोटे-छोटे कपड़े पहनकर कबड्डी खेलती हूं। हालांकि महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में महिलाओं को ऐसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता क्योंकि इन राज्यों में खेल का माहौल है। अब समय बदल रहा है खेल में महिलाओं को काफी सम्मान दिया जा रहा है।