दक्षिण एशियाई खेलों का समापन, भारत ने जीते रिकॉर्ड 312 मेडल

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नेपाल में 13वें साउथ एशियन गेम्स का समापन। 1 दिसंबर को शुरु हुए इस इवेंट में भारत ने 312 मेडल जीते। ये भारत का साउथ एशियन गेम्स के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में भारत ने 309 मेडल जीते थे। भारत ने 13वें साउथ एशियन गेम्स में 174 गोल्ड मेडल, 93 सिल्वर और 45 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। हालांकि भारत ने इस बार 15 गोल्ड मेडल कम जीते लेकिन कुल पदकों की संख्या ज्यादा रही। भारत ने इस बार 487 खिलाड़ी भेजे थे।

मेजबान नेपाल 206 पदकों के साथ दूसरे पायदान पर रहा। नेपाल का भी साउथ एशियन गेम्स में ये अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। श्रीलंका ने 40 गोल्ड मेडल समेत 251 पदक जीते और वो तीसरे स्थान पर रहा। पाकिस्तान चौथे, बांग्लादेश पांचवे, मालदीव छठे और भूटान सातवें स्थान पर रहा।भारत 1984 में शुरू हुए दक्षिण एशियाई खेलों के सभी आयोजन में पदक तालिका में शीर्ष पर रहा है।

मंगलवार को इन खेलों के आखिरी दिन भारत ने 15 स्वर्ण सहित दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ कुल 18 पदक हासिल किया। इसमें मुक्केबाजों ने छह स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। बास्केटबाल में भारत की पुरूष और महिला टीमों ने क्रमश: श्रीलंका (101-62) और मेजबान नेपाल (127-46) को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किये।

विकास कृष्ण (69 किग्रा) और पिंकी रानी (51 किग्रा) की अगुआई में भारत ने छह और स्वर्ण पदक जीते जिससे भारतीय मुक्केबाजी दल ने अपने अभियान का अंत 16 पदक के साथ किया। पुरुष वर्ग में विकास के अलावा स्पर्श कुमार (52 किग्रा) और नरेंदर (91 किग्रा से अधिक) ने भी स्वर्ण पदक जीते जबकि महिला मुक्केबाजों में सोनिया लाठेर (57 किग्रा) और मंजू बमबोरिया (64 किग्रा) ने भी सोने के तमगे हासिल किए। भारत ने यहां मुक्केबाजी स्पर्धाओं में 12 स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास ने पाकिस्तान के गुल जैब को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। नरेंदर को भी नेपाल के आशीष दुवादी को 5-0 से हराने के लिए अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा। स्पर्श कुमार को हालांकि पाकिस्तान के सैयद मोहम्मद आसिफ के खिलाफ 4-1 की जीत के दौरान कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 

वरिंदर सिंह (60 किग्रा) स्पर्धा के अंतिम दिन फाइनल में शिकस्त झेलने वाले एकमात्र भारतीय रहे। उन्हें कड़े मुकाबले में नेपाल के सानिल शाही के खिलाफ 2-3 की हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। मंगलवार को फाइनल में उतरी भारत की सभी महिला मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीता। विश्व चैंपियनशिप की पूर्व रजत पदक विजेता सोनिया ने श्रीलंका की क्रिस्मी आयोमा दुलांग लंकापुरयालगे के खिलाफ 5-0 की आसान जीत दर्ज की जबकि राष्ट्रमंडल खेल 2014 की कांस्य पदक विजेता पिंकी और मंजू को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रानी ने नेपाल की राइ माला को 3-2 से हराया जबकि मंजू ने भी नेपाल की पूनम रावल को इसी अंतर से मात दी।

आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन:

बास्केटबॉल

भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में उन्होंने श्रीलंका को हराया।

महिला टीम ने फाइनल में नेपाल को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

स्क्वाश

महिला टीम इवेंट में तन्वी खन्ना, सुनन्या सारा, सान्या वत्स और उर्वशी जोशी की टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

 पुरुष टीम इवेंट में हरिंदर पाल सिंह, अभय सिंह, अभिषेक ध्रुव और अभिषेक अग्रवाल की टीम ने सिल्वर मेडल जीता।

बॉक्सिंग

महिलाओं के 51 किलोग्राम कैटेगरी में पिंकी रानी और 57 किलोग्राम कैटेगरी में सोनिया लाथेर ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं 64 किलोग्राम कैटेगरी में मंजू बम्बोरिया ने स्वर्ण पदक जीता।

पुरुषों के 52 किलोग्राम कैटेगरी में स्पर्श कुमार ने गोल्ड और 60 किलोग्राम कैटेगरी में वरिंदर सिंह ने सिल्वर मेडल जीता।

पुरुषों के 69 किलोग्राम कैटेगरी में विकास कृ्ष्णन ने गोल्ड और 91 किलोग्राम कैटेगरी में नरेंद्र ने गोल्ड मेडल जीता। 81 किलोग्राम भारवर्ग में सचिन कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया।