धोनी पर सहवाग का बड़ा आरोप

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14 जनवरी 2020 को मुंबई वनडे के मुकाबले में टीम इंडिया (Team india) के बीच उस वक्त खलबली मच गई जब ऋषभ पंत (rishabh pant) के सिर पर गेंद लगी और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई। पर टीम इंडिया मैनेजमेंट ने ऐसा आराम दिया जिसके बाद पंत कोई मैच ही नहीं खेल पाए। क्योंकि, विराट एंड कंपनी ने पंत की जगह केएल राहुल (kl rahul) को विकेटकीपर बना दिया है और टीम के इस फैसले के बाद से अब पंत प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं। जिससे उनके फैंस तो नाराज हैं ही इसके साथ-साथ पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग (veerendra sehwag) भी टीम इंडिया के इस मैनेजमेंट से खासा ख़फा हैं। उन्होंने टीम इंडिया मैनेजमेंट के इस फैसले पर सवाल करते हुए पूछा कि, अगर ऋषभ पंत को टीम से बाहर रखा जाएगा तो वो रन किस तरह से बनाएंगे?

आपको बता दें, सिर पर गेंद लगने के बाद पंत को न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी-20 (t20 2020) मुकाबले में भी खेलने का मौका नहीं मिला। जिस पर वीरेंद्र सहवाग ने रिएक्शन दिया है और क्रिकबज से बात करते हुए मैनेजमेंट के इस फैसले पर सवाल किए हैं। उनका कहना है कि, ‘अगर सचिन तेंदुलकर (sachin tendulkar) को टीम से बाहर बैठा कर रखोगे ना तो वो रन भी नहीं बना सकते। वो बाहर बैठकर सिर्फ पानी पिला सकते हैं और जब कप्तान कोहली खुद कहते हैं कि पंत एक मैच विनर हैं फिर क्यों उन्हें मौका नहीं दे रहे हैं, शायद ये मानना है कि वो लगातार रन नहीं बना सकते। पर पंत एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों फॉर्मेट में खेल सकते हैं और ऐसा किसी भी हालत में मुमकिन नहीं जब कोई एक खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में रन बनाए क्योंकि, तीनों फॉर्मेट में खेलने वाला खिलाड़ी किसी एक फॉर्मेट में फ्लॉप हो सकता है।’

कप्तान कोहली के मैनेजमेंट पर सहवाग के सवाल
इस दौरान वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (virat kohli) पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि, कोहली अपने खिलाड़ियों से बातचीत नहीं करते थे। हमारे समय में जब कप्तान सौरव गांगुली, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ थे तो वो हमेशा खिलाड़ियों से बात करते थे। हालांकि, मैं इस वक्त टीम का हिस्सा नहीं हूं इसलिए मैं नहीं जानता कि कोहली खिलाड़ियों से बात कर रहे हैं या नहीं। पर प्लेयर रोहित शर्मा के बारे में ऐसा कहते हैं कि, जब वो एशिया कप में कप्तान बने तो खिलाड़ियों से हमेशा बात करते थे। रोहित अपनी कप्तानगी में हमेशा कहते थे कि, टीम के खिलाड़ियों के असुरक्षा वाले भाव को तभी खत्म किया जा सकता है जब उनसे बात की जाएगी। मीडिया के सामने टीम का कप्तान भले कुछ भी कहे लेकिन, कप्तान और कोच खिलाड़ी से बात कर रहा है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।’

जो मेरे साथ हुआ वो पंत के साथ न हो
पंत को टीम से अलग करने के फैसले से सहवाग किस कदर निराश हैं कि, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है जब उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि, धोनी अक्सर मीडिया के सामने कुछ कहते थे और टीम की बैठक में अलग बातें करते थे। इस दौरान उन्होंने याद दिलाया कि, ‘धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में कहा कि हमारे टॉप 3 बल्लेबाज धीमे फील्डर हैं, पर इस बारे में न पूछा न बताया गया। हमें ये बातें मीडिया से पता चलीं क्योंकि, जो बात उन्होंने मीडिया में कही वो हमसे नहीं कही और बैठक में धोनी ने कुछ और कहा था।‘ सहवाग ने इसके बाद आगे कहा कि, ‘उस समय जब खिलाड़ी रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को मौके देना चाहिए था तो रोटेशन पॉलिसी की बात उठी थी कि, एक मैच में टॉप 3 का एक खिलाड़ी बाहर बैठेगा और रोहित शर्मा उस मैच में खेलेंगे। पर ये बात टीम की बैठक में हुई थी लेकिन, धोनी ने मीडिया में कहा कि ये तीनों खिलाड़ी बहुत धीमे फील्डर हैं।‘अब वीरेंद्र सहवाग का कहना है कि, अगर मौजूदा टीम इंडिया में धोनी की कप्तानी जैसी चीजें हो रही हैं तो वो वाकई बहुत गलता है। टीम के साथ मैनेजमेंट होना बहुत जरूरी है।