सौराष्ट्र ने पहली बार रणजी ट्रॉफी पर किया कब्जा

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सौराष्ट्र की टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. बंगाल के खिलाफ फाइनल की पहली पारी में हासिल की गई बढ़त के आधार पर वह चैम्पियन बनी. सौराष्ट्र ने पहली पारी में 425 रन बनाए थे, जवाब में शुक्रवार को मैच के पांचवें दिन बंगाल की टीम अपनी पहली पारी में 381 रनों पर ढेर हो गई थी. जिससे सौराष्ट्र को 44 रनों की बेशकीमती बढ़त हासिल हो गई थी.

उल्लेखनीय है कि सौराष्ट्र की टीम पिछले आठ सीजन में चौथी बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी. वह पिछले साल फाइनल में विदर्भ से हार गई थी. राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में मैच के आखिरी दिन सौराष्ट्र ने चार विकेट के नुकसान पर 105 रन बना अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया और अंतत: पहली बार रणजी ट्रॉफी विजेता की ट्रॉफी उठाई.

दूसरी पारी में सौराष्ट्र के लिए हार्विक देसाई ने 21, अवि बारोत ने 39, विश्वराज जडेजा ने 17, अर्पित वासवाडा ने तीन और शेल्डन जैक्सन ने नाबाद 12 रन बनाए. सौराष्ट्र के लिए पहली पारी में वासवाडा ने 106, बारोत और जडेजा ने 54-54 रन बनाए थे. चेतेश्वर पुजारा ने 66 रनों का योगदान दिया था. बंगाल के लिए सुदीप चटर्जी ने 81, ऋद्धिमान साहा ने 64, अनुस्तूप मजूमदार ने 63 रन बनाए थे.

कप्तान जयदेव उनादकट का जोरदार खेल

कप्तान जयदेव उनादकट के महत्वपूर्ण मौके पर शानदार स्पेल से सौराष्ट्र ने शुक्रवार को राजकोट में बंगाल के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया. बंगाल पांचवें दिन का खेल शुरू होने से पहले पहली पारी में बढ़त हासिल करने की बेहतर स्थिति में दिख रहा था.अनुस्तूप मजूमदार (63) और अर्णब नंदी (नाबाद 40) ने गुरुवार को अंतिम सत्र में 91 रन जोड़कर टीम की उम्मीदें जगा दी थीं. लेकिन सेमीफाइनल में गुजरात के खिलाफ अंतिम दिन सात विकेट लेकर सौराष्ट्र को फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उनादकट ने फिर से सही समय पर बेहतरीन गेंदबाजी की और अपनी टीम को इतिहास रचने के करीब पहुंचाया.

तेज गेंदबाज उनादकट को सीजन में 67 विकेट

बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अनुस्तूप मजूमदार को एलबीडब्ल्यू आउट किया और फिर आकाशदीप को रन आउट किया. इन दोनों के तीन गेंदों के अंदर आउट होने से मैच का पासा पलट गया. उनादकट ने सत्र में 13.23 की औसत से सर्वाधिक 67 विकेट लिये, लेकिन वह सर्वकालिक रिकॉर्ड से एक विकेट पीछे रह गए.

...मैच खाली स्टेडियम में खेला जा रहा था

कोरोना वायरस के खतरे के कारण यह मैच खाली स्टेडियम में खेला जा रहा था, लेकिन सौराष्ट्र के खिलाड़ियों का जश्न स्टेडियम को गुंजायमान करने के लिए पर्याप्त था.सौराष्ट्र ने दूसरी पारी में जब 34 ओवर में तीन विकेट पर 105 रन बनाये थे, तब दोनों कप्तानों ने मैच समाप्त करने पर सहमति जता दी. सौराष्ट्र ने इस तरह से रणजी ट्रॉफी चैम्पियन में अपना नाम लिखवाया, जबकि बंगाल का 1989-90 के बाद पहला खिताब जीतने का इंतजार बढ़ गया.