हॉकी; शाहाबाद की बेटियां

07

शाहाबाद मारकंडा(सपरा): शाहाबाद की बेटियों की बदौलत महिला हॉकी के एशिया कप में देश की टीम को स्वर्ण पदक हासिल हुआ है। इस सफलता के साथ देश की टीम ने वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। रविवार को जापान में सम्पन्न एशिया कप में भारतीय टीम ने चीन को परास्त कर गोल्ड मैडल अपने नाम किया। शाहाबाद पहुंचे द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह ने कहा कि भारतीय टीम ने शूट आऊट में यह मैच जीत लिया। कोच ने बताया कि मैच के दौरान एकमात्र गोल शाहाबाद की नवजोत कौर ने किया।

चैम्पियनशिप में शाहाबाद की 3 खिलाड़ी ने प्रतिनिधित्व किया। इसमें देश की टीम में कप्तान ओलिम्पियन रानी रामपाल, नवजोत कौर व नवनीत कौर शामिल हैं।तीनों खिलाड़ी कोच बलदेव सिंह से प्रशिक्षित हैं और यहां के एस.जी.एन.पी. स्कूल में कोच बलदेव सिंह के पास अभ्यास करती थीं। टीम की रानी रामपाल, नवजोत कौर व नवनीत कौर ने इस उपलब्धि का श्रेय कोच बलदेव सिंह को दिया है। कप्तान रानी रामपाल के पिता रामपाल व माता राममूर्ति ने कहा कि बेटियों ने कमाल कर दिखाया है। यह जीत बेटियों की जीत है। यह जीत कोच बलदेव सिंह की है जिसकी बदौलत बेटियां यहां तक पहुंचीं। काफी दिनों से बीमार चल रहे नवजोत कौर के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि यह देखकर की उनकी बेटी नवजोत ने एशिया कप के फाइनल मुकाबले में विजयी गोल किया है, से उनकी तबीयत में सुधार हुआ है। 

नवनीत कौर के पिता बूटा सिंह ने कहा कि देश की टीम में उनकी बेटी को मौका मिला तो उसने प्रतिभा का मादा मनवाया है। चैम्पियनशिप में 5 से भी ज्यादा गोल नवनीत ने किए हैं। कोच बलदेव सिंह ने कहा कि 1980 के दशक में जिस एस.जी.एन.पी. स्कूल से हॉकी की शुरूआत हुई थी, वह महिला हॉकी में फिर से हरा-भरा होगा। जल्द ही इस स्कूल में हॉकी प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस. डेसी ने इस उपलब्धि के लिए कोच बलदेव सिंह व खिलाड़ियों को बधाई दी है।