पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में गिरे सभी 120 विकेट

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भारतीय गेंदबाजों ने तीसरे टेस्ट के चौथे दिन शानदार गेंदबाजी कर मेजबान टीम को 177 रनों पर ऑलआउट कर मैच को 63 रनों से अपने नाम किया और सीरीज में अपना 3-0 से सफाया होने से बचा लिया। मैच के चौथे दिन एक समय पर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 1 विकेट पर 124 लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने घरेलू टीम को 177 रनों पर समेट दिया और जोहान्सबर्ग में न हारने का अपना रिकॉर्ड को बरक़रार रखा।

आइये
 नज़र डालते हैं तीसरे टेस्ट में बने सभी आंकड़ों पर:

# क्रिकेट इतिहास में पहली बार 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में सभी 120 विकेट गिरे, इससे पहले 118 विकेट का रिकॉर्ड रहा। इस सीरीज में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें सभी पारियों में ऑलआउट हो हुई।

# जोहान्सबर्ग में भारत ने अभी तक एक भी मैच नहीं हारा है और अपने रिकॉर्ड का बरक़रार रखा है। इस मैदान पर भारत ने 5 मैचों में 2 में जीत हासिल की है, तो 3 मैच ड्रॉ रहे।

# भारत के तेज गेंदबाजों ने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में सभी 20 विकेट हासिल किये।

# भुवनेश्वर कुमार पहले भारतीय ख़िलाड़ी रहे, जिन्होंने एक सीरीज में गेंदबाजी करते हुए कम से कम 10 विकेट और बल्लेबाजी में 100 से अधिक रन बनाये हैं।

# दक्षिण अफ्रीका के लिए डीन एल्गर ने दूसरी बार टेस्ट क्रिकेट में बैट कैरी करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले गैरी कर्स्टन ने केवल एक बार ही ऐसा किया है।

# दक्षिण अफ्रीका में राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी के बाद विराट कोहली ने अपने नेतृत्व में जीत दिलाने वाले तीसरे कप्तान बने।

# जोहान्सबर्ग के मैदान पर 5 भारतीय गेंदबाजों ने एक पारी में 5 विकेट प्राप्त किये हैं, जिसमें अनिल कुम्बले, जवागल श्रीनाथ, एस श्रीसंथ, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी शामिल हैं।

# टेस्ट क्रिकेट में डीन एल्गर छठे बल्लेबाज बने, जिन्होंने एक पारी में 2 बार बैट कैरी किया। उनसे पहले बी वुडफुल, एल हटन, बी लॉरी और जी टर्नर ने भी 2 बार इस रिकॉर्ड को कायम किया है लेकिन सबसे ज्यादा 3 बार यह कारनामा डी हेंस ने अपने नाम किया है।

# इस सीरीज में विकेटकीपर बल्लेबाजों का औसत बल्लेबाजी में 11.25 रहा, जो किसी भी टेस्ट सीरीज में कम से कम 12 पारियों में कम रहा। इससे पहले 1959 में हुई टेस्ट सीरीज में सबसे कम था।

# विराट कोहली ने एक कप्तान के तौर पर 21वीं जीत हासिल की और सौरव गांगुली के रिकॉर्ड की की बराबरी की। पूर्व कप्तान एमएस धोनी 27 टेस्ट जीत के साथ सबसे आगे हैं।

# 1990 में हुए वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच टेस्ट के बाद पहली बार ऐसा हुआ, जब किसी भी स्पिन गेंदबाज ने एक भी गेंद नहीं डाली।