खेल जगत में भारत के उभरतेे सितारे

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रियो ओलंपिक से लेकर हाल ही में खत्म हुए टैस्ट सिरीज़ तक भारत ने कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। देश ने भी अपने राष्ट्रीय हीरो को वो सम्मान दिया जिसके वो हकदार थे। बैंडमिंटन में पीवी सिंधु हों या फिर करुण नायर सभी ने अपने खेल से देश के नाम को गौरवान्वित करने के काम किया। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में जो साल 2016 में सितारे बनकर उभरे

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक की महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ कड़े मुकाबले में शिकस्त के साथ रजत पदक हासिल किया। विश्व चैम्पियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली पांचवीं महिला और रजत जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। सिंधु निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (एथेंस 2004) और विजय कुमार (लंदन 2012) तथा पहलवान सुशील कुमार (लंदन 2012) के बाद ओलंपिक में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाली चौथी भारतीय हैं। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी (सिडनी 2000), मुक्केबाज एमसी मैरीकोम (लंदन 2012), बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (लंदन 2012) और पहलवान साक्षी मलिक (रियो 2016) भारत की ओर से खेलों के महाकुंभ में पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं। रियो सेंटर में एक घंटा और 23 मिनट चले मुकाबले में पहला गेम जीतने के बावजूद सिंधु को स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ 21-19, 12-21, 15-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

रियो पैरालंपिक खेलों के ऊंची कूद स्पर्धा में मरियप्पन थांगावेलू ने गोल्ड पर कब्जा जमाते हुए इतिहास रच दिया तो वहीं, वरुण भाटी ने इसी प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत को दोहरी खुशी दी। इस प्रतिस्पर्धा का रजत पदक अमेरिका के सैम ग्रेवी को मिला। थांगावेलू ने 1.89 मीटर की जंप लगाते हुए सोना जीता, जबकि भाटी ने 1.86 मीटर की जंप लगाते हुए कांस्य अपने नाम किया। मरियप्‍पन थंगावेलु ने रियो पेरालिंपिक में हाई जंप में गोल्‍ड मेडल जीत इतिहास रच दिया। वे भारत के पहले गोल्‍ड मेडलिस्‍ट हैं जिन्‍होंने पेरालिंपिक्‍स में हाई जंप में गोल्‍ड जीता। उन्‍होंने 1.89 मीटर की जंप लगाई। (रियो परालम्पिक खेलों में टी42 ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने वाले मरियाप्पन थंगावेलू (बाएं) और कांस्य पदक विजेता वरुण भाटी।

साक्षी मलिक ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की चौथी महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने रियो ओलंपिक में भारत का पदकों का इंतजार खत्म करते हुए 58 किग्रा वर्ग में रेपेचेज के कांस्य पदक के मुकाबले में किर्गिस्तान की ऐसुलू ताइनीबेकोवा को 8-5 से हराकर कांस्य पदक दिलाया। बीजिंग में सुशील कुमार ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। सुशील ने इसके बाद लंदन 2012 में अपने कांसे के तमगे को रजत पदक में बदला जबकि योगेश्वर दत्त भी कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे थे। महिला कुश्ती में हालांकि यह भारत का पहला पदक है।

दीपा करमाकर रियो ओलंपिक में महिला वाल्ट फाइनल्स में करीब से कांस्य पदक से चूक कर चौथे स्थान पर रहीं, लेकिन फिर भी इस भारतीय जिम्नास्ट ने इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय जिम्नास्ट का ओलंपिक इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। तेईस वर्षीय दीपा ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनी थी। उन्होंने औसत 15.066 अंक जुटाये जिससे वह स्विट्जरलैंड की कांस्य पदक विजेता गुईलिया स्टेनग्रुबर (15.216 अंक) से महज 0.15 अंक से चूक गईं। इसके बावजूद जब वह भारती लौंटी को उनका स्वागत हीरो की तरह किया गया। दीपा महिलाओं की वॉल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रह गईं लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके लिए जबरदस्त समर्थन देखने को मिल रहा है। त्रिपुरा की दीपा भारत के निराशाजनक अभियान में कुछ चमकदार एथलीटों में से एक रहीं, वह आठ महिलाओं के वाल्ट फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर 15.066 अंक से पदक से महज 0.15 अंक से चूक गयी। दीपा ने आठवें नंबर पर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। जब उसकी वाल्ट खत्म हुई तब वो दूसरे नंबर थी। लेकिन उनके बाद की दोनों प्रतिभागी ने अच्छा प्रदर्शन किया और वो चौथे नंबर पर चली गईं।

करुण नायर ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पहले शतक को तिहरे शतक में बदलकर 19 दिसंबर को हाल ही में संपन्न इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टैस्ट मैच के चौथे दिन नाबाद 303 रन की रिकॉर्ड पारी खेली। राजस्थान में जन्में और कर्नाटक की तरफ से खेलने वाले 25 वर्षीय नायर ने रिकॉर्डों से भरी अपनी पारी में 381 गेंदें खेली तथा 32 चौके और चार छक्के लगाये। वह वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट मैचों में तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। यही नहीं वह टेस्ट मैचों में अपने पहले शतक को तिहरे शतक में तब्दील करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गये हैं। उनसे पहले वेस्टइंडीज के सर गारफील्ड सोबर्स (नाबाद 365) और ऑस्ट्रेलिया के बाब सिम्पसन (311) ने यह कारनामा दिखाया था।(चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में पांचवें और आखिरी टैस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक लगाने के बाद खुशी मनाते भारत के करुण नायर।

भारतीय गोल्फ की स्टार 18 साल की अदिति अशोक रही जिन्हें लेडीज यूरोपीय टूर की साल की उभरती हुई खिलाड़ी भी चुना गया। इस दौरान वह टूर पर अपने पहले साल में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली भारतीय भी बनी। युवा गोल्फर अदिति अशोक ने रविवार (13 नवंबर) को हीरो महिला इंडियन ओपन का खिताब जीतकर लेडीज यूरोपियन टूर जीतने वाले भारती की पहली महिला खिलाड़ी बनी। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी दौर में इवन पार 72 का कार्ड खेलकर खिताब जीता। अदिति शनिवार (12 नवंबर) तक दो स्ट्रोक की बढ़त पर थी और इस किशोरी ने अपना कुल स्कोर तीन अंडर 213 तक पहुंचाया। उन्होंने अमेरिका की ब्रिटनी लिनसीकोम और स्पेन की बेलेन मोजो को एक शॉट से पीछे छोड़ा।

भारतीय टीम में जयंत यादव के रूप में एक और ऑलराउंडर ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करायी है। इंग्लैंड के साथ हुई टेस्ट सीरीज में विराट कोहली और आर. अश्विन का ही वर्चस्‍व रहा, लेकिन अपना पहला ही टेस्‍ट सीरीज खेल रहे जयंत यादव ने इन दोनों दिग्गजों के इतर क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपने प्रदर्शन से इस खिलाड़ी ने आकर्षित किया। हरियाणा का यह 26 वर्षीय खिलाड़ी मैदान पर चाहे बल्‍लेबाजी कर रहा हो या गेंदबाजी, हमेशा विश्‍वास से लबरेज नजर आता है। मुंबई टेस्‍ट में जयंत ने अपने करियर का पहला शतक जमाया। नोंवे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे जयंत की 104 रन की बेहतरीन पारी में 15 चौके शामिल रहे। मुंबई टेस्ट मैच में भले ही विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर का तीसरा दोहरा शतक जमा दिया हो, लेकिन ये मुमकिन नहीं होता अगर जयंत यादव उनके साथ 8वें विकेट के लिए 200 से ज़्यादा रन की साझेदारी नहीं करते और अपने टेस्ट करियर का पहला शतक नहीं जमाते। यादव ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जमाने के लिए 196 गेंदों का सामना किया। सेंचुरी तक पहंचने के लिए यादव ने 14 चौके जमाए और वोक्स की गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी टाइमिंग और दमदार स्ट्रोक्स के जरिए अपनी क्लास दिखा दी। जयंत और कोहली ने 8वें विकेट के लिए भारत के लिए सबसे बड़ी साझेदारी कर डाली। दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 241 रनों की साझेदारी की।(मुंबई टेस्ट मैच के चाथे दिन अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाने के बाद दर्शकों का अभिवादन करते जयंत यादव। जयंत यादव नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं।

रियो पैरालंपिक में भारत को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। दीपा मलिक ने महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया है। दीपा मलिक के पदक के साथ भारत के इस पैरालंपिक में तीन पदक हो गए हैं। 36 साल की दीपा मलिक ने 4.61 का स्कोर बनाया और वे दूसरे स्थान पर रहीं। दीपा मलिक ने सिर्फ शॉटपुट बल्कि जैवलीन थ्रो, तैराकी और मोटर रेस से भी जुड़ी रही हैं। उनके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न है लेकिन उन्होंने इसे अपने खेल के आगे नहीं आने दिया। उनकी उपलब्धियों के चलते उन्हें भारत सरकार की ओर से अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है। दीपा मलिक देश की सबसे ज्यादा पुरस्कार जीतने वाली एथलीट्स में शुमार हैं।