पीलीभीत :खिलाड़ियों की खान है अवंतीबाई विद्यालय

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पीलीभीत : आज खेल के दम पर आसानी से सफलता हासिल की जा सकती है। इसलिए छात्र-छात्राएं खेल की तरफ रुचि ले रहे हैं, जिसमें खिलाड़ियों को सफलता भी हासिल हो रही है। सीमित संसाधनों में खिलाड़ी बेहतर खेल दिखा रहे हैं। अगर पर्याप्त संसाधन की उपलब्धता हो जाए, तो सफलता कदमों को चूमेगी। जिला मुख्यालय का वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज है, जहां पढ़ाई के साथ ही छात्राओं को बेहतर खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जाता है। कालेज की छात्राएं जनपद, प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खेल प्रतिभा दिखा चुकी हैं। खेल के मामले में कालेज को खिलाड़ियों की खान कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। हर साल काफी संख्या में छात्राएं राष्ट्रीय खेलकूद में प्रतिभाग करती हैं।

जिला पंचायत की ओर से जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज का संचालन किया जा रहा है, जहां पर कक्षा छह से बारह तक की पढ़ाई की सुविधा है। जनपद में राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूल-कालेज संचालित हो रहे हैं। खेल प्रतिभा के मामले में राजकीय कालेज नगण्य साबित हो रहे हैं। सहायता प्राप्त और वित्तविहीन कालेजों के छात्र-छात्राएं खेल दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सीमित खेल संसाधनों में जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज की छात्राएं जनपद, मंडल, राज्य, राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में खेल प्रतिभा दिखा रही हैं। हर जगह छात्राओं का जलवा कायम है। कालेज में छोटी क्लास से छात्राओं को एबीसीडी सिखानी शुरू कर दी जाती है, जो अच्छी खिलाड़ी के रूप में उभरकर खेल में कमाल दिखाती हैं। अवंतीबाई कालेज में फुटबाल, एथलेटिक्स, हॉकी आदि खेलों में बेहतरीन खिलाड़ी निकली हैं, जो आज यूनिवर्सिटी स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभा को दर्शा रही हैं। कालेज से खिलाड़ी वीना, वारुणी पांडेय, शशिप्रभा, नेहा राठौर, एकता राठौर, तान्या कनौजिया, अलीशा ¨सह, सुरभि मौर्य, पायल ¨सह, पायल वर्मा आदि छात्राएं जनपद से लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं।

खिलाड़ियों की बात

मैं पढ़ाई के साथ खेल की प्रैक्टिस कर रही हूं। फुटबाल में कॅरियर बनाना चाहती हूं। रोजाना स्कूल में खेल की प्रेक्टिस करती हूं। कई खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हूं। देश की ओर से खेलने का सपना है। स्कूल में काफी सहयोग मिलता है।

-रनदीप कौर, खिलाड़ी

आज खेल क्षेत्र में कॅरियर संवारने का सपना है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल को प्राथमिकता देती हूं। मैंने कई राज्यस्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में भागीदारी की। कई मेडल जीते है। नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेने का सपना है।

-प्रीती कुमारी, खिलाड़ी

मैंने तमिलनाडु, कर्नाटक समेत कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। चार साल से फुटबाल की प्रैक्टिस कर रही हूं। देश की टीम से खेलने का सपना है, जिसे एक दिन सच करना है। देश के लिए जरूर खेलूंगी। इसी उद्देश्य से प्रैक्टिस कर रही हूं।

-अलीशा ¨सह, खिलाड़ी

मुझे शुरुआत से ही खेल में काफी रुचि है। स्कूली पढ़ाई के साथ फुटबाल की प्रैक्टिस कर रही हूं। कक्षा छह से गेम्स खेल रही हूं। स्कूल स्तर पर काफी सपोर्ट मिलता है। उसी की बदौलत आज फुटबाल में जीत मिलती है। खेल शिक्षिका काफी सहयोग करती हैं।

-पायल ¨सह

खेल शिक्षिका की बात

खेल में रुचि रखने वाली छात्राओं को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। प्रत्येक छात्रा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खेल की छोटी-छोटी चीजों के बारे में जानकारी दी जाती है। प्रैक्टिस पर विशेष जोर रहता है। बगैर प्रैक्टिस के जीत नहीं मिल पाती है। कालेज से काफी संख्या में छात्राएं नेशनल खेल चुकी हैं। छात्राओं को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाती है।

-अनीता जोशी, खेल शिक्षिका

प्रधानाचार्य की बात

खेल प्रतिभा को उभारने की दिशा में प्रयास जारी रहते हैं। इसी वजह से कालेज की छात्राएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभा का जौहर दिखाती हैं। छात्राओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्राओं की बदौलत कालेज का नाम देशस्तर पर रोशन होता है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाती है।

-रामजानकी शुक्ला, प्रधानाचार्य

वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, पीलीभीत।