पार्थिव पटेल; पूरे करियर में 9 उंगलियों के साथ की विकेटकीपिंग

07

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा विकेटकीपर भी रहा है जिसने 9 उंगलियों के साथ पूरे करियर में विकेटकीपिंग की। ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि पार्थिव पटेल हैं, जिन्होंने टीनएज में ही भारत के लिए बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। पार्थिव पटेल 2003 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा भी थे। इसके अलावा उसी समय उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट भी खेली और सिर्फ 9 उंगलियों से दमदार विकेटकीपिंग की।9 उंगलियों से अब तक विकेटकीपिंग कर रहे पार्थिव पटेल को महेंद्र सिंह धौनी के टीम में आने के बाद कम मौके मिले। कुछ ही साल के बाद एमएस धौनी टीम के कप्तान बन गए और फिर पार्थिव पटेल भारतीय टीम के लिए ज्यादा खेल नहीं पाए। पार्थिव पटेल ही नहीं, भारत के बाकी विकेटकीपर भी एमएस धौनी के टीम में होते हुए ज्यादा मौके हासिल नहीं कर पाए। हालांकि, पार्थिव पटेल ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अपना योगदान दिया है।

वापसी की, लेकिन सफल नहीं हुए

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का फल उनको मिला और साल 2018 में जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच में उन्होंने टीम इंडिया के लिए कमबैक किया, लेकिन उतने अच्छे साबित नहीं हुए। बहुत लोग जानते हैं कि वे लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि पॉकेट डायनामाइट के नाम से फेमस पार्थिव पटेल की बाएं हाथ की बेबी फिंगर यानी छोटी उंगली बचपन से ही नहीं है।इंस्टा लाइव में पार्थिव पटेल ने उस घटना को याद करते हुए कहा है, "जब मैं 6 साल का था तो मेरी ये उंगली पूरी तरह से कट गई थी। बायां हाथ दरवाजे में फंस गया था और इस तरह उंगली को क्षति पहुंची थी।" उन्होंने खुलासा किया है कि एक विकेटकीपर के लिए 9 उंगलियों के साथ कीपिंग करना आसान नहीं था, क्योंकि छोटी उंगली ग्लव्स में फिट नहीं बैठती थी, लेकिन अच्छा लगा कि मैं 9 उंगलियों के साथ भी देश के लिए खेला।

पार्थिव पटेल ने बताया है कि वह ग्लव्स पर टेप लगा लेते थे, जिससे उनको किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा, "यह काफी कठिन है, क्योंकि आखिरी उंगली ग्लव्स में फिट नहीं बैठती थी। इसलिए मैंने इस टेप करना शुरू कर दिया, ये ट्रिक मेरे काम आई और मैं खुद को खुशनसीब समझता हूं कि मैंने 9 उंगलियां होने के बावजूद भी देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया।"