इस वजह से निराश हैं पीवी सिंधु

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विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारतीय शटलर पी.वी. सिंधु को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था। भारत लौटने के बाद सिंधु ने कहा है कि वो फाइनल में न जीत पाने की वजह से निराश हैं। हालांकि उन्हें इस बात की खुशी भी है कि इस बार कांस्य पदक की बजाय रजत पदक जीता है। 

उन्होंने मीडिया से कहा, फाइनल मैच के बाद, मैं काफी निराश थी। लेकिन मैंने सोचा कोई बात नहीं। मैंने सोचा कि अब यह खत्म हो चुका है, अगले दिन से सब सामान्य हो गया। उन्होंने कहा, रियो ओलंपिक के बाद यह सर्वश्रेष्ठ मुकाबलों में से एक रहा। विश्व चैम्पियनशिप कुछ अलग होती है। मैंने पहले भी इसमें कांसा जीता था। मैं खुश हूं कि मैंने इसका रंग बदलकर रजत किया है। 

विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल की बात करते हुए सिंधु ने कहा, यह मानसिक और शारीरिक रूप से थका देने वाला था। आपको लगता है कि एक अंक लेना ही पड़ेगा, वह (नोजोमी ओकुहारा) भी थकी हुई थी। लेकिन यह मेरा दिन नहीं था। बता दें कि सिंधु को रविवार को ग्लासगो के एमिरेटस एरीना में रोमांचक मैराथन फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से 19-21, 22-20, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला 1 घंटे 50 मिनट तक चला।