मां-बाप को खोया और जीत लाई मेडल

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देश की उभरती वेटलिफ्टर स्नेहा सोरेन की कहानी सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उड़ीसा के मयूरभंज जिले की इस इकलौती बेटी के पिता की चार साल पहले मृत्यु हो गई थी, लेकिन उस पर दुखों का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा जब कुछ दिन पूर्व अपीहा (समोआ) में समाप्त कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की तैयारियों के दौरान उनकी मां भी चल बसीं।

अकेली स्नेहा के सिर से मां-बाप का साया उठ गया था। वेटलिफ्टिंग के सिवाय अब उसका दुनिया में कोई नहीं था। स्नेहा ने फैसला लिया अब जिंदगी जीनी है तो इस खेल के सहारे और इस चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए टीम के साथ मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) चली गईं। अपीहा में उन्होंने 55 किलो के जूनियर वर्ग में भाग लिया और 169 किलो वजन उठाकर रजत जीता। स्नेहा बीते वर्ष ही सुर्खियों में आई थीं। वह ब्यूनर्स आयर्स यूथ ओलंपिक में देश के लिए खेलने गई थीं जहां वह पांचवें स्थान पर रहीं।

वेटलिफंर्टग को कैरियर बना खुद को पालूंगी
स्नेहा भरे मन से बोलती हैं, मां-बाप की याद आती है, लेकिन वह क्या कर सकती हैं। वेटलिफ्टिंग में ही मेहनत करेंगी और इसी को कैरियर बनाकर खुद को पालूंगी। मां की मृत्यु के बाद लगा था यह खेल कैसे जारी रख पाऊंगी। हालांकि चाचा के बेटे ने पूरी मदद का आश्वासन दिया है। उसी के पास जाऊंगी।

स्नेहा को टीम के साथ पांच मई को मेलबर्न जाना था और उससे ठीक पहले उनकी मां की मृत्यु हुई थी। कॉमनवेल्थ यूथ में गोल्ड जीतने वाली स्नेहा के मुताबिक उन्हें डायरिया हुआ था। वह प्लस टू की परीक्षाएं देने गईं थीं तब मां से मिली थीं, लेकिन दो दिन बाद ही पटियाला स्थित कैंप में उन्हें रात में बताया कि उनकी मां की काफी तबियत खराब है। दरअसल पटियाला में कोच को बता दिया गया था कि उनकी मां की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं बताया। घर जाकर मां के बारे में पता लगा।

खेल मंत्री से मिलीं लेकिन कुछ नहीं बताया
स्नेहा समोआ से सोमवार की रात लौटी हैं। रविवार को खेल मंत्री किरन रिजीजू और साई महानिदेशक नीलम कपूर ने मीराबाई चानू की अगुवाई में चैंपियनशिप जीतकर आई पूरी टीम से मुलाकात की। स्नेहा के मुताबिक उन्होंने खेल मंत्री को अपने बारे में कुछ नहीं बताया।

हालांकि फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल सहदेव यादव ने खेल मंत्री और डीजी को स्नेहा की दुख भरी कहानी के बारे में बताया। सहदेव का कहना है कि उन्होंने मदद का पूरा आश्वासन दिया है, लेकिन फेडरेशन अपने स्तर पर भी उसकी पूरी मदद करेगी। उन्होंने स्नेहा से कह दिया है कि उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।