महिला क्रिकेट; मिताली राज ने रचा इतिहास

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आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने एक दिवसीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.मिताली ने इंग्लैंड की शार्लेट एडवर्ड्स के 5992 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा.मिताली ने यह कारनामा 183वें वनडे मुकाबले में किया है. आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ मुकाबले में मिताली ने यह रिकॉर्ड बनाया.इस मैच में मिताली ने चार चौके और एक छक्के की मदद से 69 रनों की पारी खेली.इतना ही नहीं इस दौरान वो वनडे क्रिकेट में 6000 रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गईं.

मिताली राज ने अब तक 183 वनडे मुकाबले में 51.52 की औसत से 6028 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 49 अर्धशतक जड़े.मिताली का जन्म एक तमिल परिवार में राजस्थान के जोधपुर में तीन दिसंबर 1982 को हुआ. मिताली के पिता भारतीय वायुसेना अधिकारी रहे हैं.10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वालीं मिताली ठीक 7 साल बाद भारतीय टीम के लिए चुन ली गईं.राजस्थान के जोधपुर में जन्मीं 34 वर्षीय मिताली दुनिया की उन गिने चुने महिला क्रिकेटरों में से हैं जिनका वनडे में औसत 50 से भी अधिक का है.मिताली ने वनडे क्रिकेट में अब तक पांच शतक जड़े हैं और इन सभी पारियों में वो नॉट आउट रही हैं.अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय मुक़ाबले में मिताली ने शतक बनाने का कारनामा किया.1999 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ़ नाबाद 114 रनों की पारी खेली. वो अपने पहले ही वनडे में शतक लगाने वाली पांच महिलाओं में से एक हैं.

इतना ही नहीं मिताली के नाम सबसे कम उम्र में वनडे में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड है.16 साल 205 दिनों की उम्र में मिताली का बनाया गया यह रिकॉर्ड आज भी कायम है.बतौर बल्लेबाज मिताली के नाम एक दिवसीय क्रिकेट में लगातार सात अर्धशतक बनाने का भी रिकॉर्ड है.बतौर खिलाड़ी मिताली राज चौथी बार वर्ल्ड कप में शामिल हो रही हैं.मिताली की कप्तानी में 2005 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम फाइनल तक पहुंची जहां उन्हें ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा.मिताली राज ने अब तक कुल 10 टेस्ट मैचों में 51 की औसत से 663 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 214 रन रहा.ख़ास बात यह कि यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है. साल 2006 में मिताली की ही कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को उसी की ज़मीन पर टेस्ट सीरीज़ में मात दी थी. उसी साल मिताली की कप्तानी में भारत ने एशिया कप भी जीता था.