मेरठ के उभरते हुए क्रिकेट खिलाड़ी निर्देश बसौया

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) का एक और क्रिकेटर विश्व में भारत का तिरंगा लहराने को बेताब है. खिलाड़ी निर्देश बसोया (Nirdesh Basauya) ने मेघालय (Meghalay) की टीम की तरफ से खेलते हुए विपक्षी टीम नागालैंड (Nagaland) के दस के दस विकेट झटक लिए. असम (Assam) में आयोजित विजय मर्चेंट ट्रॉफी (Vijay Merchant Trophy) के मुकाबले में मेरठ के 15 वर्षीय दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर निर्देश बसोया ने एक ही पारी में दस विकेट लेकर नया कीर्तिमान बना डाला.

कहते हैं कि मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. हम बात कर रहे हैं मेरठ से उभरते हुए क्रिकेट खिलाड़ी निर्देश बसोया की. पंद्रह साल के निर्देश ने असम में आयोजित विजय मर्चेंट ट्रॉफी में मेघायल की तरफ से खेलते हुए विपक्षी टीम नागालैंड के दसों विकेट झटक लिए. ऐसा कर उन्होंने एक ही पारी में दस विकेट लेने का नया कीर्तिमान रच डाला. इस कामयाबी के बाद निर्देश के कोच खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. निर्देश के कोच संजय रस्तोगी ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा कि उसकी मेहनत और लगन उसे अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है.

भुवनेश्वर कुमार को भी कोच कर चुके हैं संजय रस्तोगी

संजय रस्तोगी एक समय में टीम इंडिया के खिलाड़ी भुवनेश्वर कुमार को भी कोच कर चुके हैं और अब उनके कोचिंग में निर्देश ने कामयाबी की उड़ान भरी है. कोच संजय रस्तोगी का कहना है कि एक सामान्य परिवार के रहने वाले निर्देश की लगन उसे औरों से अलग बनाती है. संजय कहते हैं कि निर्देश की ऑफ स्पिन और बल्लेबाजी दोनों कमाल की है. पिछले साढ़े तीन साल से मेरठ के भामाशाह पार्क में अभ्यास करने वाले निर्देश के साथी खिलाड़ी भी अपने दोस्त की कामयाबी से खुश हैं. वो निर्देश को भविष्य के लिए ऑल द बेस्ट विश कर रहे हैं.

U-19 में सेलेक्ट होना है टारगेट

निर्देश ने दस विकेट लेने के साथ पहली पारी में 68 रन भी बनाए. अंडर नाइनटीन टीम में सेलेक्ट होना अब निर्देश का अगला लक्ष्य है. उनके कोच का कहना है कि दो साल पहले यूपीसीए के लिए ट्रायल देने वाले निर्देश को मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन की कॉल आ गई. जिसके बाद यूपीसीए ने एनओसी दे दी. यूपीसीए सचिव युद्धवीर सिंह ने निर्देश के मेघालय टीम में खेलने का रास्ता साफ किया था. निर्देश ने मेघालय की तरफ से खेलते हुए नागालैंड के खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई.

निर्देश बसोया के पिता रामवीर सिंह नोएडा विकास प्राधिकरण में कार्यरत हैं. वो अपने बेटे की सफलता से खासे खुश हैं.