27 साल में पहली बार डेविस कप से बाहर हुए पेस

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दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को आज 27 साल में पहली बार भारत की डेविस कप टीम से बाहर कर दिया गया क्योंकि गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ कल से यहां शुरू होने वाले एशिया ओसियाना मुकाबले के लिये रोहन बोपन्ना को चुना है। बोपन्ना दूसरे दौर के युगल मैच में श्रीराम बालाजी के साथ जोड़ी बनायेंगे और केएसएलटीए में फारूख दुस्तोव और संजार फायजीव की जोड़ी से भिड़ेंगे। बोपन्ना विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर हैं, वह ओलंपिक पदकधारी और कई ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके पेस (53वें स्थान) से 29 पायदान ऊपर हैं। रामकुमार रामनाथन चोटिल युकी भांबरी की जगह भारत की एकल चुनौती की अगुवाई करेंगे। रामनाथन कल पहले एकल मैच में तैमूर इस्माइलोव का सामना करेंगे। भूपति ने पेस के बजाय बोपन्ना को चुनने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि बेंगलुरू का यह खिलाड़ी अच्छी सर्विस कर रहा है और उसने साल की शुरूआत भी बढ़िया की है। भूपति ने कहा, ‘‘हां, जैसा कि मैंने कहा कि हालात निश्चित रूप से काफी तेज होंगे। रोहन अच्छी सर्विस कर रहा है। इस फैसले का आधार यही था।’’

पेस ने 1990 में जयपुर में जापान के खिलाफ डेविस कप में पदार्पण किया था। उन्हें फार्म के आधार पर करीब तीन दशकों में पहली बार डेविस कप टीम से बाहर किया गया। पेस ने अभी तक डेविस कप में 42 युगल मुकाबले जीते हैं और वह इटली के दिग्गज निको पीटरांजेली की बराबरी पर हैं। उन्हें डेविस कप इतिहास में सर्वाधिक युगल मैच जीतने का रिकार्ड बनाने के लिये केवल एक जीत की दरकार है। भूपति ने कहा कि एक समय उनके युगल जोड़ीदार रह चुके खिलाड़ी को बाहर रखने का फैसला काफी कठिन था। उन्होंने कहा, ‘‘यह कठिन था इसलिये यह अंतिम समय में किया गया। मैं शुरू से ही स्पष्ट था कि मैं तीन एकल खिलाड़ियों के विकल्प के साथ ही खेलना चाहता था क्योंकि दो खिलाड़ी डेविस कप में नहीं खेले हैं इसलिये दो युगल विशेषज्ञ खिलाड़ियों के साथ खेलना थोड़ा जोखिम भरी स्थिति होती। ’’

पेस ने केएसएलटीए स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, ‘‘जब मैं कल सुबह यहां अभ्यास के लिये आया तो मैं अच्छी तरह बॉल हिट कर रहा था। चयन का मानदंड फार्म होना था, जो निश्चित रूप से नहीं हुआ।’’ पेस इस बात से सहमत थे कि टीम चुनना भूपति का अधिकार है लेकिन उन्होंने उन्हें सलाह दी कि वे किसी के भी खिलाफ पक्षपात नहीं करें। उन्होंने कहा, ‘‘एक समय यह रैंकिंग के आधार पर होता था और कभी कभार यह पसंद और निजी तरजीह के आधार पर होता है। कभी कभार यह व्यक्तिगत पसंद पर नहीं बल्कि इस आधार पर होता है कि कौन ड्यूस कोर्ट पर और कौन एड कोर्ट पर खेलता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और अब यह फार्म पर आधारित है। फार्म के आधार पर, आप लोग बेहतर जानते हो कि कौन बेहतर खेला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरू की ऊंचाई 920 मीटर है। लियोन की ऊंचाई 1800 मीटर है जो बेंगलुरू की ऊंचाई से दोगुनी है।’’

पेस अपमानित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मेक्सिको से सिर्फ टीम से बाहर करने के लिये बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि इसके लिये सिर्फ एक फोन करने की जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘देश के लिये खेलने के संबंध में इस तरह की बेहूदगी नहीं होनी चाहिए। मेरा मानना है कि आपको एक फोन करने की जरूरत थी कि आपकी जरूरत है या आपकी जरूरत नहीं है। यह इतना सरल है। यह इस तरह का नहीं होना चाहिए।’’ पेस ने कहा, ‘‘भारतीय ध्वज, देश और लोगों के लिये मेरा प्यार निस्वार्थ है। इसलिये मैं मेक्सिको से यहां तक आया जबकि मैं आसानी से अपनी रैंकिंग और करियर पर काम कर सकता था। ’’