सचिन तेंदुलकर कप्तानी में क्यों हुए फ्लॉप

07

भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और कोच मदनलाल ने सचिन तेंदुलकर की कप्तानी को लेकर बात की है और कहा है कि महान बल्लेबाज एक अच्छे कप्तान थे।  सचिन ने 1996 से 2000 के बीच  73 वनडे और 25 टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी की थी। उनकी कप्तानी में भारत ने 23 वनडे में जीत हासिल की थी। टेस्ट में बतौर कप्तान सचिन चार मैच ही जीतने में सफल रहे। मदनलाल 1996 और 97 में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच थे। उनका मानना था कि सचिन खुद के परफॉर्मेस को लेकर ज्यादा सजग थे और इसी वजह से वह सफल कप्तान नहीं बन पाए। मदनलाल ने कहा, “मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि वह अच्छे कप्तान नहीं थे, लेकिन वह अपने प्रदर्शन को लेकर खुद में इतना फोकस थे कि वह टीम का ख्याल नहीं रख पा रहे थे।”उन्होंने कहा, “क्योंकि एक कप्तान के तौर पर आपको सिर्फ अपने प्रदर्शन के बारे में नहीं सोचना होता है, बल्कि टीम के बाकी लोगों से भी अच्छा प्रदर्शन करवाना होता है। आप किस तरह से यह सब संभालते हो इस पर काफी कुछ निर्भर करता है।”1983 विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे मदनलाल ने मास्टर ब्लास्टर की तारीफ करते हुए कहा, “सचिन में खेल को पढ़ने की अच्छी क्षमता है। वह खिलाड़ियों को बताते हैं कि वह कहां गलती कर रहे हैं और उन्हें कैसे गेंदबाजी करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “वह इन सब चीजों में शानदार थे।”

बता दें कि 'शतकों का शतक' और बल्लेबाजी का लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन तेंदुलकर कप्तानी के दौरान संघर्ष करते हुए नजर आए। उन्हें दो बार भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी मिली, लेकिन दोनों ही बार वह इसमें असफल रहे। सचिन की कप्तानी में भारत ने 73 वनडे मैच खेलते हुए सिर्फ 23 मैच जीत हासिल की जबकि 43 मैचों में हार हुई थी। एक मैच टाई हुआ था और छह मैचों में कोई नतीजा नहीं आया था। इस तरह सचिन की कप्तानी में भारत की जीत का प्रतिशत 35.07 है, जो बहुत कम है। 2013 में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन तेंदुलकर ने 25 टेस्ट मैचों में कप्तान के तौर पर सिर्फ 4 मैच जीते और 9 में हार मिली। वहीं 12 मैच ड्रॉ रहे। सचिन ने मुंबई इंडियंस की कप्तानी भी की। आइपीएल में उनकी कप्तानी में टीम ने 55 मैचों में से 32 में जीत दर्ज की। उनकी कप्तानी में मुंबई को कोई खिताब नहीं मिला।