शूटिंग: मजदूर की बेटी ने किया क्वॉलिफाई

07

मेरठ मवाना शहर की 19 वर्षीय प्रिया सिंह ने हर चुनौती को पार कर शूटिंग में खास मुकाम हासिल किया है। 22 जून से जर्मनी में आयोजित होने वाले ISSF जूनियर वर्ल्ड कपकी 50मीटर राइफल कैटेगरी में चुने जाने वाले 6 लोगों में से वह भी एक है। लेकिन प्रिया के सपनों के आड़े उनकी आर्थिक स्थिति आ रही है। दरअसल, प्रिया ने यहां तक का सफर मांगी हुई राइफल से तय किया है। वह एक मजदूर की बेटी हैं और इसलिए उनकी वित्तीय हालत ऐसी नहीं है कि वह अपने करियर में आगे बढ़ सकें। यही वजह है कि उनको जर्मनी में होने वाली चैंपियनशिप भी मिस करनी पड़ सकती है। सरकार क्वॉलिफाई होने वाले टॉप तीन लोगों को ही वित्तीय सहायता देती है, जबकि प्रिया 6 लोगों में चौथे स्थान पर हैं। एनआरएआई यानी नैशनल राइफल असोसिएशन आॅफ इंडिया के सेक्रटरी राजीन भाटिया ने टीओआई को बताया,''हम प्रिया को फुल सपॉर्ट करते हैं और हम उसके प्रतियोगिता में भाग ले सकने की हर संभावना पर काम कर रहे हैं। जहां तक वित्तीय मदद की बात है तो हमारे हाथ तंग हैं। सरकार टॉप 3 खिलाड़ियों का सारा खर्च वहन करती है। बाकियों को खुद से ही ट्रैवल और स्टे का खर्च देना होता है।'' 2017 तक वह एनसीसी कैडेट थी तो उसे राइफल मिली हुई थी। 2014 से 2017 के बीच उसने कुल 17 मेडल्स अपने नाम किए। इनमें 2016 और 2017 में आॅल इंडिया नैशनल शूटिंग चैंपियनशिप के गोल्ड भी शामिल हैं। 

2017 में प्रिया ने आखिरी बार किसी कॉम्पिटीशन में हिस्सा लिया था। इसके बाद उनका एनसीसी से फेयरवेल हो गया और गन भी नहीं रही। रक्षा मंत्री अवॉर्ड और प्रतिष्ठित गवर्नर्स मेडल जीत चुकीं प्रिया को इसी साल जनवरी में जूनियर वर्ल्ड कप का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय दल में चुना गया था। प्रिया ने टीओआई को बताया,''22 मई को मुझे जर्मन शूटिंग फेडरेशन द्वारा नैशनल राइफल असोसिएशन आॅफ इंडिया को भेजे गए इनवाइट की कॉपी मिली है। उसके बाद से मैं और मेरे पिता आर्थिक मदद को लेकर चक्कर लगा रहे हैं। मैंने खुद पीएमओ में संपर्क किया और एक ऐप्लिकेशन भी छोड़ा है। तीन दिनों तक हम राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिलने की कोशिश भी करते रहे।'' 

सीएम योगी ने दी 4.5 लाख की मदद...
मीडिया में खबर का आने के बाद जैसे ही सीएम योगी आदित्यनाथ को इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत प्रशासन को मदद के लिए कहा। सीएम ने कहा, 'जैसे ही मुझे पता चला मैंने तुरंत 4.50 लाख रुपए मंजूर कर दिए। मेरठ के डीएम से उसके आने-जाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।' 

प्रिया ने लिखा था सीएम और पीएम को लेटर...
प्रिया ने मीडिया को बताया था कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में उसने मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को भी लिखा। हालांकि, तब उसे कोई जवाब नहीं मिला। मदद मांगने के लिए वो दो बार खेल मंत्रालय भी गई, लेकिन उनसे (खेल मंत्री को) मिल नहीं पाई।'

बेटी की खातिर पिता ने बेच दी थीं भैंसे...
बेटी के सपनों की खातिर पिता ब्रजपाल सिंह ने अपनी भैंसे तक बेच दी थी। उन्होंने बताया- बेटी प्रिया के लिए मैंने स्थानीय विधायक, सीएम योगी, पीएम मोदी और खेल मंत्रालय तक गुहार लगाई। मैंने अपनी भैंस बेच दी और लोगों से कुछ रुपये उधार भी लिए। लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली थी।