हरियाणा को हॉकी गोल्ड दिलाने वाले अभिषेक

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हरियाणा में धर्म नगरी कुरुक्षेत्र के एक छोटे से गांव तयोडा के खिलाड़ी अभिषेक की मेहनत और लगन रंग लाने लगी है. ‘खेलों इंडिया राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता’ के 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में हरियाणा की टीम की तरफ से अभिषेक (गोल कीपर) ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया है. अभिषेक ने हरियाणा की टीम को स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई. हरियाणा की टीम ने लीग मैच में पंजाब को 2-0, झारखंड को 9-1 व चंडीगढ़ को 4-0 के अंतर से हराया. इसके बाद हरियाणा की टीम ने उत्तर प्रदेश की टीम को सेमिफाईनल में 3-2 गोल के अंतर से हराया और फाईनल में अपनी जगह बनाई. इस टूर्नामेंट का फाईनल मुकाबला पंजाब के साथ हुआ और हरियाणा की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पंजाब को 1-0 के अंतर से हराकर खेलों इंडिया राष्ट्रीय चैम्पियन होने का गौरव हासिल किया.

हॉकी इंडिया के उभरते हुए खिलाडी अभिषेक ने पिछले वर्ष रांची में हुई स्कूल नेशनल और राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में अपनी टीमों को गोल्ड मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई थी. खिलाडी अभिषेक ने कहा कि हॉकी कोच गुरबाज सिंह से हॉकी की बारिकीयों के बारे में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं और उनके पिता गुरपाल सिंह और माता रीना रानी का उनकी इस उपलब्धि  में महत्वपूर्ण योगदान है.  अभिषेक ने बताया कि कई बार गरीबी की वजह से खेल छोड़ने की भी बात सोचनी पड़ी. अभिषेक के पिता और साथियों ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए हौसला बढ़ाते रहे हैं.

अभिषेक के पिता ने बताया कि एक बार बेटे को टीम से बाहर निकाला जा रहा था क्योंकि उसके पास महंगी किट नहीं थी. यह बात अभिषेक के पिता को नागवार गुजरी इसलिए उन्होंने अपनी दुधारू भैंस बेच दी थी और किट खरीदकर अभिषेक को दी. अभिषेक का सपना है कि वह इंडिया के लिए हॉकी खेले. लेकिन पैसे की कमी कहीं ना कहीं उसकी प्रतिभा पर भारी पड़ती नजर आ रही है. अभिषेक के पिता ने बेटे की प्रतिभा को निखारने के लिए सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है.