घातक होती है चाइनामैन बॉलिंग

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कुलदीप यादव ने धर्मशाला टेस्‍ट मैच के साथ अपने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत की। पूर्व क्रिकेटर लक्ष्‍मण शिवरामाकृष्‍णन ने उन्‍हें टेस्‍ट कैप सौंपी। डेब्‍यू टेस्‍ट की पहली ही पारी में कुलदीप ने चार बड़े विकेट लिए और कॅरियर की शानदार शुरुआत की। 22 साल का यह खिलाड़ी चाइनामैन खिलाड़ी है। चाइनामैन स्पिनर की गेंद सामान्‍य लेफ्ट आर्म स्पिनर की गेंद से विपरीत दिशा में जाती है। आसान शब्‍दों में कहा जाए तो चाइनामैन गेंदबाज की गेंद दाएं हाथ के बल्‍लेबाजों के अंदर आती है जबकि बाएं हाथ के बल्‍लेबाज के बाहर की ओर घूमती है। टीवी स्‍क्रीन पर देखने पर गेंद बाएं से दांयी ओर जाती है। इस तरह के गेंदबाजों की गेंद कलाई से घूमती है। चाइनामैन स्पिनर की गुगली दाएं हाथ के बल्‍लेबाज के बाहर की तरफ निकलेगी जबकि बाएं हाथ वालों के लिए गेंद अंदर आएगी। इस तरह के गेंदबाजों का वेरिएशन उन्‍हें काफी घातक बनाता है।

अब सवाल उठता है कि चाइनामैन शब्‍द की उत्‍पति कैसे हुई। इसकी भी एक कहानी है। भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच धर्मशाला टेस्‍ट के दौरान कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्‍कर ने इस बात की जानकारी दी। उनके अनुसार, ”बाएं हाथ का चीनी स्पिनर थे और उनका नाम एलिस एचॉन्‍ग था। सबसे पहले उन्‍हीं ने इस तरह से गेंदबाजी की। एक लेफ्ट हैंडर की गेंद लेग स्पिन हुई इसलिए उसे चाइनामैन कहा गया। इसलिए चीन को क्रिकेट खेलना शुरू करना चाहिए।”वहीं ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार 19वी सदी के अंत में दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर चार्ली लेवेलिन ने इस तरह की गेंद का ईजाद किया। हालांकि एचॉन्‍ग के कारण ही यह टर्म ज्‍यादा लोकप्रिय हुई। उनकी गेंद पर इंग्‍लैंड के वाल्‍टर रोबिंस स्‍टंप हो गए थे। बताया जाता है कि रोबिंस जब पवैलियन लौट रहे थे तो उन्‍होंने गुस्‍से में चाइनामैन बोला था।

वेस्‍ट इंडीज के एलिस एचॉन्‍ग, सर गारफील्‍ड सोबर्स व डेव मोहम्‍मद, दक्षिण अफ्रीका के पॉल एडम्‍स व तबरेज शम्‍सी, ऑस्‍ट्रेलिया के ब्रेड हॉग व माइकल बेवन, इंग्‍लैंड के जॉनी वार्डले और श्रीलंका के लक्षण संदकन चाइनामैन बॉ‍लर हैं। पिछले आईपीएल सीजन में शिविल कौशिक नाम के अन्‍य चाइनामैन बॉलर को भी लोगों ने देखा था। वह गुजरात लॉयंस के सदस्‍य हैं। कुलदीप पहले भारतीय पुरुष चाइनामैन बॉलर हैं। हालांकि महिला क्रिकेट टीम की ओर से पहले ही चाइनामैन बॉलर खेल चुकी हैं।

कुलदीप एशिया महादेश के दूसरे चाइनामैन गेंदबाज हैं. इनसे पहले श्रीलंका के लक्षण रंगिका ने जुलाई 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था. चाइनामैन शब्द एक बार फिर से चर्चा में आने के साथ ही ट्विटर पर लोग इसके बारे में लगातार ट्वीट कर रहे हैं. इतना ही नहीं गूगल पर काफी संख्या में लोग What is chinaman bowler , chinaman bowler , chinaman bowlers , kuldeep yadav जैसे शब्द टाइप कर चाइनमैन बॉलिंग कला के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि क्रिकेट में चाइनामैन शब्द कहां से आया. साथ ही ये भी बता रहे हैं दुनिया में अब तक कितने चर्चित चाइनामैन बॉलर हुए हैं.

1930 में चाइनमैन शब्द प्रयोग में आया

क्रिकेट में चाइनमैन शब्द की शुरुआत पहली बार 1930 में आया. वहीं वेस्टइंडीज के एलिस अचोंग को पहला चाइनामैन गेंदबाज माना जाता है. मूल रूप से चीन के रहने वाले एलिस अचोंग बाएं हाथ के स्पिनर थे. इंग्लैंड के खिलाफ मेनचेस्टर में 1933 में वाल्टर रॉबिन्स को उन्होंने ऐसी गेंद की जिसने सभी को चकित कर दिया. एलिस ने कलाई के बल पर गेंद फेंकी जो दाएं हाथ के बल्लेबाज के ऑफ स्टंप पर पड़कर बाहर चली गई. रॉबिन्स ने आश्चर्यजनक गेंद करने के बाद पवेलियन लौटते समय अंपायर से कहा, 'ब्लडी चाइनामैन ने शानदार गेंदबाजी की.' यही से चाइनामैन शब्द लोकप्रिय हुआ और फिर आगे चलकर इन्हें चाइनामैन कहा जाने लगा. यानी एक लेफ्ट आर्म स्पिनर जब अपनी उंगलियों की बजाए कलाई से गेंद को घुमाता है तो वो चाइनामैन गेंदबाज कहा जाता है.

ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स थे चाइनामैन बॉलर

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर चाइनामैन बॉलर थे. सोबर्स बाएं हाथ से धीमी गेंद करते थे. वह कलाई के बल पर गूगली और चाइनामैन गेंदबाजी का सफल उपयोग करते थे. उन्होंने भारत के दौरे पर इसका काफी सफल प्रयोग भी किया.

भाग्य साथ देता तो जॉनी वार्ड्ले को याद करती दुनिया

कहते हैं इंग्लैंड के बॉलर जॉनी वार्ड्ले का अगर भाग्य ने साथ दिया होता तो वे दुनिया के नामी गेंदबाजों में शुमार किए जाते. वार्ड्ले ने सिर्फ 25 टेस्ट खेले. वार्ड्ले पारंपरिक बाएं हाथ की गेंदबाजी लॉक के समान भी कर लेते थे तो उनके पास चाइनामैन एक हथियार के रूप में मौजूद था. वह विशेषकर इसका प्रयोग इंग्लैंड में करते थे. वार्ड्ले ने 1956-57 दक्षिण अफ्रीका दौरे में चाइनामैन का भरपूर उपयोग किया  था. उन्होंने 4 टेस्ट में 26 विकेट चटकाए थे.

पॉल एडम्स के एक्शन ने दुनिया को चौंकाया

क्रिकेट जगत में पॉल एडम्स को गेंदबाजी एक्शन के लिए जाना जाता है. पॉल ने 1995-96 में अपने एक्शन से सभी को चकित कर दिया था. चाइनामैन कला से बॉलिंग करने वाले पॉल एडम्स बल्लेबाजों को काफी परेशान किया, लेकिन चोट की वजह से उनका कॅरिअर लंबा नहीं खींच पाया. पॉल एडम्स ने 45 टेस्ट में 134 जबकि 24 वन-डे में 29 विकेट लिए.

चक फ्लीटवुड-स्मिथ थे अनोखे गेंदबाज

चाइनामैन गेंदबाजों में ऑस्ट्रेलिया के फ्लीटवुड-स्मिथ को भी याद किया जाता है. उन्होंने 1935-38 के बीच 10 टेस्ट में 42 विकेट लिए. फ्लीटवुड-स्मिथ ने 1937 की एशेज सीरीज में बड़ी भूमिका अदा की थी. उन्होंने डॉन ब्रैडमैन की टीम को सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 से जीत दिलाई थी.

ब्रैड हॉग को आती है चाइनामैन बॉलिंग की कला

ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हॉग को सबसे सफल चाइनामैन बॉलर कहा जाता है. उन्होंने 2003 और 2007 विश्व कप विजेता टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे. हॉग की गेंदबाजी को समझना बल्लेबाज के लिए काफी मुश्किल भरा होता है और 45 वर्ष के होने के बावजूद भी वह अपना कमाल कई टी20 प्रतियोगिताओं में दिखा रहे हैं.