खेलो इंडिया : 228 पदकों के साथ टॉप पर रहा महाराष्ट्र

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पुणे मेजबान महाराष्ट्र 228 पदकों के साथ पुणे में रविवार को सम्पन्न खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2019 की पदक तालिका में टॉप पर रहा। हरियाणा को दूसरा और दिल्ली को तीसरा स्थान मिला। महाराष्ट्र ने कुल सबसे अधिक 85 गोल्ड, 62 सिल्वर और 81 ब्रॉन्ज मेडल जीते। हरियाणा को कुल 178 पदक मिले। उसके खाते में 62 गोल्ड, 56 सिल्वर और 60 ब्रॉन्ज आए। 

दिल्ली ने 136 पदक जीते, जिनमें 48 गोल्ड, 37 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। कर्नाटक को 77 पदक मिले। उसने 30 गोल्ड, 28 सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज जीते। इसी तरह तमिलनाडु को कुल 87 मेडल मिले। उसके खाते में 27 गोल्ड, 35 सिल्वर तथा 25 ब्रॉन्ज आए। उत्तर प्रदेश ने 23 गोल्ड, 25 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ कुल 88 पदक जीते। 

इसके बाद पंजाब (72 पदक), गुजरात (39), पश्चिम बंगाल (44) तथा केरल (58) का स्थान है। भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित इन खेलों में 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 6000 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 

महाराष्ट्र के खिलाड़ियों को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, महाराष्ट्र के खेल मंत्री विनोद तावड़े ने यहां शिव छत्रपति स्पोटर्स कॉम्पलेक्स के बैडमिंटन हॉल में आयोजित समापन समारोह में ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।जावड़ेकर ने इस मौके पर कहा कि खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री के 'पांच मिनट और' के संदेश को सार्थक किया है। साथ ही कहा कि सरकार हर स्कूल में एक घंटे के गेम पीरियड को लाने को लेकर प्रतिबद्ध है।वहीं, तावड़े ने कहा कि वह 'सिर्फ पांच मिनट' नहीं चाहते बल्कि 50 मिनट चाहते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई भी की।

 श्री शिव छत्रपति शिवाजी स्पोटर्स कॉम्पलेक्स का बैडमिंटन हॉल खिलाड़ियों से पूरा भरा हुआ था। इस बीच, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की महानिदेशक नीलम कपूर ने भारत सरकार के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर और महाराष्ट्र के खेल मंत्री विनोद तवाड़े सहित खेलो इंडिया यूथ गेम्स के सीईओ संदीप प्रधान का स्वागत किया।नीलम कपूर ने सभी के प्रयासों का धन्यवाद देते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने सराहनीय प्रयास किया और हजारों स्वंयसेवकों ने इस केआईवाईजी-2019 को सफल बनाया। इन खेलों में तकरीबन 10,000 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें 5,925 एथलीटों, 1,096 सपोर्ट स्टाफ, 893 तकनीकी अधिकारी, 36 चेफ दे मिशन, 1010 स्वंयसेवक और 1,500 अधिकारी शामिल थे।यह संख्या पिछले साल केआईएसजी-2018 से लगभग दोगुनी है।अंतिम दिन 15 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जिनमें से आठ पदक तीरंदाजी में थे, जहां मेजबान महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा ने दो-दो पदक जीते, दिल्ली और पंजाब ने एक-एक पदक जीते।हरियाणा ने महिलाओं के अंडर-21 वर्ग के फाइनल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह हरियाणा का हॉकी में तीसरा स्वर्ण है जबकि उत्तर प्रदेश, बंगाल, तमिलनाडु और केरल ने वॉलीबाल में एक-एक स्वर्ण पदक अपने नाम किए। टेबल टेनिस में गुजरात के मानुश शाह ने अंडर-21 वर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया जबकि सुरभि पटवारी ने महिलाओं के अंडर-21 वर्ग में सोने का तमगा हासिल किया।