विश्व पैरा खेलों में शरद को रजत, भाटी को कांस्य

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लंदन: भारत के शरद कुमार और वरूण भाटी ने विश्व पैरा एथलीट चैंपियनशिप की उंची कूद स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। शरद और भाटी ने पुरुष उंची कूद की टी-42 स्पर्धा में हिस्सा लिया था। शरद ने 1.84 मीटर के निजी सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीता जबकि रियो पैरालंपिक के पदक विजेता भाटी ने 1.77 मीटर के प्रयास के साथ पोडियम पर जगह बनाई।  अमरीका के सैम ग्रेव ने 1.86 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता।  भारत एक स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीत चुका है और पदक तालिका में 29वें स्थान पर चल रहा है।

भारत की डिस्कस-थ्रोअर करमज्योति दलाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। महिलाओं की एफ55 वर्ग में दलाल ने आखिरी क्षणों में 19.02 मीटर थ्रो फेंककर कांसा अपने नाम किया। उन्होंने बहरीन की अलोमरी रोबा को मामूली अंतर से पीछे छोड़कर यह पदक जीता। रोबा ने 19.01 मीटर थ्रो किया।पिछले साल रियो पैरालिंपिक में दलाल का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था। तीन नाकाम थ्रो के बाद वह शुरुआत भी नहीं कर पाईं थीं। हालांकि 30 वर्षीय दलाल ने इस साल मार्च में हुए फाजा इंटरनैशनल आईपीसी इंटरनैशनल ऐथलेटिक्स ग्रां प्री दुबई में इस वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इस साल, सुंदर सिंह गुर्जर ने पैरा ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर भारत का खाता खोला था। उन्होंने जैवलिन थ्रो में भारत के लिए पदक जीता था। दो दिन बाद अमित सरोहा ने क्लब थ्रो इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने एफ-51 वर्ग में पदक जीता था। 

राष्ट्रीय कबड्डी टीम का हिस्सा थीं। एक दिन वह अपने घर के छज्जे से गिर गई थीं। वह एक साल तक बिस्तर से हिल भी नहीं पाईं। इसके चलते उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा। इसके बाद 2014 में उन्होंने डिस्कस थ्रो शुरू किया। दो साल में दलाल अनरैंक से दुनिया की टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं। फिलहाल दलाल दुनिया में 8वें नंबर की खिलाड़ी हैं। 2015 पैरा ऐथेलेटिक्स चैंपियनशिप में वह चौथे स्थान पर रही थीं। दलाल ने 2014 पेइचिंग में एशियन गेम्स में दो कांस्य पदक जीते हैं।