सचिन ने काबिलियत से कम हासिल किया ; कपिल देव

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नई दिल्ली: महान भारतीय कप्तान कपिल देव  ने क्रिकेट के  सचिन तेंदुलकर  के बारे में एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि सचिन अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे, उन्होनें क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल किया पर फिर भी कम ही किया. सचिन का नाम आज रिकोर्डस का पर्याय बन चुका है पर कपिल को तब भी यही लगता है कि सचिन और भी काफी कुछ अपने नाम कर सकते थे. टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक, 200 टेस्ट खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी, 33 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन और न जाने कितने अनगिनत रिकॉर्ड, आज क्या नहीं है सचिन के पास? शायद ही ऐसा कोई खिलाड़ी होगा जो सचिन के मुकाम को एक बार फिर हासिल करेगा पर कपिल देव को अब भी यही लगता है कि सचिन जैसा टैलेंट आज तक नहीं हुआ और उनके रिकोर्ड और भी बेहतर हो सकते थे. 

एक रेडियो चैनल से बातचीत के दौरान कपिल ने कहा, "कई लोग मेरी बातों को गलत समझ लेते हैं. मेरे विचार से सचिन तेंदुलकर भारत के बेस्ट क्रिकेटर रहे हैं. मैं अब भी यही मानता हूं कि उन्होंने जो हासिल किया वह उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते थे. उन्होंने काफी कुछ हासिल किया है, किसी ने उनसे बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन मैं मानता हूं कि सचिन और भी हासिल कर सकते थे.'

"सचिन का शानदार करियर रहा है. 24 साल तक देश के लिए खेलना, यह कहना आसान है, लेकिन करना कठिन है. मैं उनकी सभी खुशियों की कामना करता हूं. जो भी खुशी उन्होंने भारत को दी है, मैं उन्हें शुभकानाएं देना चाहता हूं और मुख्य रूप से उनके परिवार को बधाई देना चाहता हूं. वह परिवार जिसने इन परिदृश्यों में सबसे ज्यादा बलिदान दिया है. मैं सचिन के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं."

क्या कपिल का ये कहना सही है कि सचिन ने अपनी प्रतिभा से कम हासिल किया? पैंनी नजर से देखा जाए तो कपिल ने जो कुछ कहा वो गलत नहीं कहा. सचिन को विरासत में सब कुछ मिला था- बेहतरीन फुटवर्क, गजब का हैंड-आई कोऑर्डिनेशन, जबरदस्त टाइमिंग और इस सबसे बढ़कर किसी से भी बिना डरे खेलने की काबिलियत, सब तो था सचिन के पास, बस नहीं थी तो विराट जैसी रन बनाने की भूख और इसी विराट जैसी भूख की कमी के कारण सचिन इंटरनेशनल क्रिकेट में 40 हजार रन बनाने से चूक गए.

इसके अलावा सचिन ने अपने क्रिकेट के एक पहलू की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और वो थी उनकी गेंदबाजी. जिसने भी सचिन को गेंदबाजी करते हुए देखा है वो ये जानता है कि सचिन गेंद को स्पिन कराने में शेन वार्न से किसी भी मायने में कम नहीं थे. बस नहीं था तो उनके पास गेंद पर नियंत्रण और अगर उन्होनें खुद को एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर विकसित किया होता तो शायद वो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 500 से ज्यादा विकेट भी ले लेते. पर शायद ये बात उनके जहन में कभी आई ही नहीं और इसलिए अपने 24 साल के लंबे करियर में सचिन बल्लेबाजी तक ही सिमटकर रह गए. इसका तात्पर्य ये नहीं है कि सचिन के रिकोर्ड किसी से कम हैं, वे कल भी महान थे, आज भी महान हैं और जब तक क्रिकेट रहेगा तब तक महान ही रहेंगे.