महिला कबड्डी में भारत को हराने वाले ईरान की कोच हैं हिंदुस्तान की शैलजा

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जब 18 महीने पहले नाशिक की कोच शैलजा ने ईरान टीम को ज्वाइन किया तो उन्होंने अपने लिए एक लक्ष्य तय किया कि वह दुनियाभर को जता देंगी कि रणनीति बनाने में उनका कोई मुकाबला नहीं है. उन्होंने इसके लिए ईरान की स्थानीय भाषा पारसी सीखी ताकि वह ईरानी खिलाड़ियों से बेहतर तरीके से बातचीत कर सकें. साल 2018 में शैलजा ने देखा कि उनकी ईरानी टीम ने 2018 एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन को अंजाम दिया. इस सबसे बेहतरीन बात यह रही कि उनकी ईरानी टीम ने भारतीय लड़कियों को लगातार तीसरा एशियाड गोल्ड जीतने से रोक लिया और अपने आपको कबड्डी का नया पावरहाऊस के रूप में दुनिया के सामने पेश किया.

भारत को रोमांचक फाइनल में 27-24 से हार का सामना करना पड़ा. गौर करने वाली बात है कि एक दिन पहले ही ईरान के खिलाड़ियों ने सात बार की चैंपियन भारतीय पुरुष टीम को सेमीफाइनल में पटखनी दी थी. साल 2014 में ईरान की महिला कबड्डी टीम एशियाड में नंबर 2 रही थी और भारत के खिलाफ फाइनल में हारी थी. बहरहाल, शुक्रवार को शैलजा के द्वारा ट्रेंड की गई लड़कियों को गोल्ड से कम कुछ भी मंजूर नहीं था. पहले हाफ में 8-13 से पिछड़ने के बावजूद ईरान ने दूसरे राउंड में शानदार वापसी की और सेकेंड हाफ में 19 पॉइंट बटोरे. इस दौरान उन्होंने गजब की रणनीति अपनाई और डिफेंस उनका सबसे शानदार रहा.

शैलजा ने कहा, "फाइनल मैच टीम और मेरे लिए बहुत स्पेशल था. लंबे समय के बाद ईरान ने गोल्ड जीता. फेडरेशन (ईरान) ने मुझ पर भरोसा जताया इसकी मैं शुक्रगुजार हूं. जब मैं इस जॉब को ज्वाइन करने के बाद पहली बार ईरान आई थी, मैंने अपने आपसे कहा कि यह मेरा मिशन है. ताकि मैं यह साबित कर सकूं कि मैं सबसे बेहतरीन कोच हूं. अब हमारे सामने नतीजा है. खिलाड़ियों से बातचीत करना आसान नहीं था इसलिए मैंने पारसी सीखी. मैच के पहले मैंने लड़कियों से कहा था कि मुझे बिना गोल्ड के भारत वापस मत भेजना. कुछ लड़कियां मेरे पास आईं और बोलीं मैडम हमने आपको वो दे दिया जो आपको चाहिए था."

शैलजा ने कहा कि उन्हें दुख हुआ कि भारत मैच हार गया लेकिन इस परिस्थति में अपनी टीम को जीतते देखना शानदार रहा. इस दौरान मैदान में इमोशन अपने शबाब पर थे. दोनों भारतीय और ईरान की पुरुष टीमें अपनी महिला टीम का उत्साहवर्धन स्टैंड से कर रही थीं. इस हार के बाद मैदान के बाहर मौजूद भारतीय खिलाड़ी भीतर से टूट गए. भारतीय कबड्डी टीम की 24 घंटे के भीतर ईरान से दूसरी हार को देखकर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान अजय ठाकुर बेहद निराश दिखे.

शैलजा ने कहा, "भारत हार गया इसको लेकर मुझे दुख हुआ. अन्य किसी भी भारतीय की तरह मुझे अपने देश से बहुत प्यार है. लेकिन मुझे कबड्डी से भी बहुत प्यार है. उनका कोच रहते हुए, मैंने सिर्फ ईरान के बारे में सोचा. भारत में कबड्डी बहुत लोकप्रिय है. वे सभी जानते हैं कि कबड्डी के क्या मायने हैं. ईरान में सभी ने इस मैच को देखा."