70 बेटियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी बना दिया

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सुभाष हुड्डा बेशक देश के लिए मेडल जीतने के सपने को पूरा नहीं सके, लेकिन अपने जज्बे की बदौलत उन्होंने करीब 70 बेटियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी बना दिया है। उनसे गुर सीखने के बाद 30 लड़कियां रेलवे में टीटीई से लेकर दिल्ली, हरियाणा पुलिस और आर्मी में खेल कोटे से भर्ती होकर देश सेवा कर रही हैं।किलोई गांव में हरियाणा पुलिस के एएसआई के सहयोग से शिव शक्ति कबड्डी एकेडमी खोलने के बाद राष्ट्रीय स्तरीय के कबड्डी खिलाड़ी रहे सुभाष हुड्डा फिलहाल 80 लड़कियों को निशुल्क कबड्डी के गुर सिखा रहे हैं। पोलंदी गांव निवासी सुभाष हुड्डा जब खुद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं पहुंचे तब उन्होंने 12 साल पहले लड़कियों की कबड्डी टीम तैयार करने की ठानी थी।
उन्होंने बताया कि वह 2007 से लड़कियों को लगातार कबड्डी के गुर सिख रहे हैं। सोनीपत में तैनात हरियाणा पुलिस के एएसआई प्रदीप कुमार ने किलोई गांव में करीब 1500 गज जमीन दी तो वह रोहतक, सोनीपत, पानीपत और झज्जर की लड़कियों को निशुल्क कबड्डी सिखाने लगे। बाद में संस्थान का नाम शिव शक्ति कबड्डी एकेडमी रखा गया।उनका दावा है कि वह अब तक 400 से अधिक लड़कियों को कबड्डी के गुर सिखा चुके हैं। बता दें कि कोच सुभाष खुद एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक भी है और उनके पिता टेकराम गांव में खेतीबाड़ी करते हैं।

वर्तमान में 80 खिलाड़ी सीख रहीं कबड्डी के गुर

कोच सुभाष हुड्डा ने बताया कि वर्तमान में गांव में बनाई एकेडमी में सोनीपत, पानीपत के अलावा किलोई, धामड, पोलंगी, आउली, शिवाणा गांव की 80 लड़कियों को कबड्डी के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिनमें से 10 हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात और दिल्ली में होने वाली प्रतियोगिता में भागीदारी करेंगी।

नशे से दूर रहें युवा
कोच सुभाष हुड्डा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि कोई कार्य मुश्किल हो सकता है मगर नामुमकिन नहीं। यदि कोई भी कार्य करने की मन में ठान ली जाए तो मंजिल जरूर मिलती है। युवाओं से नशे का सेवन नहीं करने की भी अपील की है।

आज तक नहीं मिली आर्थिक सहायता
कोच का आरोप है कि दस से अधिक बार खेल विभाग और सीएम से एकेडमी में तैयारी करने वाली लड़कियों के लिए आर्थिक मदद की मांग की गई मगर आज तक मदद नहीं मिली है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय कर चुकी किलोई की सविता

कोच ने बताया कि किलोई गांव की सविता पिछले करीब पांच साल से एकेडमी में तैयारी कर रही थी। वह अब तक 20 से अधिक प्रदेश स्तर पर जबकि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता में गोल्ड जीत चुकी है। सविता अभी पटना में टीईटी है।

इसके अलावा किलोई की ज्योति, सिकंदराबाद में रेलवे में टीईटी, किलोई की सिखा रेलवे विभाग में कर्मचारी, पोलंदी की रंजू पटना में टीईटी, सोनीपत की ज्योति हरियाणा पुलिस में सिपाही, सोनीपत के आवली की नीलम दिल्ली पुलिस में सिपाही, किलोई की अंजू एसएसबी में कांस्टेबल, सोनीपत के आंवली की संतोष सीआरपीएफ में तैनात हैं।
 
मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में मेडल जीत रही एकेडमी की खिलाड़ी
किलोई की कनिका, आंवली गांव की प्रियंका, ज्योति, किलोई की रुबि, मनीषा, सीनू, रीतू, कीर्ति, नीतू, नेहा, प्रिया अब तक 20 से अधिक प्रदेश स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात में हुई अंडर 19,17,14 और जूनियर वर्ग में 5 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।