डोनिसन, मानव और शाहान बने राष्ट्रीय मैक्स कार्टिंग चैंपियन

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रिकी डोनिसन, मानव शर्मा और शाहान अली ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए (25 सितंबर) को यहां मोहिते रेसिंग एकेडमी में 13वीं जेके टायर-एफएमएससीआई राष्ट्रीय मैक्स कार्टिंग चैंपियनशिप में जीत हासिल की। पिछले तीन सत्र से अजेय रहे डोनिसन ने सीनियर मैक्स श्रेणी में जीत हासिल करते हुए ना सिर्फ खिताब का बचाव किया बल्कि हैट्रिक भी पूरी की। उनका प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने अपने चमकदार करियर में जिन 14 कार्टिंग रेस में हिस्सा लिया है, उन सभी में उन्होंने शीर्ष स्थान रहते हुए रेस खत्म की है। डोनिसन ने आज (रविवार, 25 सितंबर) 358 अंक से शुरुआत की और वह चैंपियनशिप में शीर्ष पर चल रहे विष्णु प्रसाद से एक अंक पीछे थे। डोनिसन ने हालांकि खुद पर इसका दबाव नहीं बनने दिया और पांचवें लैप में 51.717 सेकेंड का सबसे तेज समय निकाला। उन्होंने लगातार अंतर बढ़ाते हुए 20 लैप की रेस को पांच सेकेंड पहले ही खत्म कर लिया। उन्होंने सत्र का समापन 413 अंकों के साथ किया और इस तरह से चैंपियनशिप जीती।

इस बीच विष्णु प्रसाद ने ध्रुव की गाड़ियों के बीच टक्कर के कारण दोनों रेसर दूसरे स्थान की दौड़ से बाहर हो गए। नयन चटर्जी इसका फायदा उठाकर पांचवें और अंतिम राउंड में उपविजेता बने। चैंपियनशिप में हालांकि वे 397 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर ही रह पाए। विष्णु रेस में चौथे स्थान पर रहे और पूरी चैंपियनशिप में 408 अंक लेकर उपविजेता बने। माइक्रो मैक्स श्रेणी में मेको के शाहान अली ने भी उम्मीद के मुताबिक ही शानदार प्रदर्शन किया। एशियाई चैंपियन ने ये चैंपियनशिप जीतते हुए खिताब की हैट्रिक लगायी। उन्होंने रविवार को 86 अंक हासिल किये, जहां प्री फाइनल में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया जबकि फाइनल में वे दूसरे स्थान पर रहे, शाहान को कुल 434 अंक मिले।

शाहान ने बीरेल आर्ट के रुहान अर्ल्वादूसरा स्थानी से पूरे 25 अंक ज्यादा हासिल किए, जिन्होंने आज (रविवार, 25 सितंबर) आखिरी राउंड की अंतिम रेस में पहला स्थान हासिल किया। लेकिन आगरा के स्टार शाहान ने सुबह ही प्री फाइनल में जीत हासिल करके निर्णायक बढ़त बना ली थी और प्रतियोगिता पहले ही अपने नाम कर ली थी। जूनियर मैक्स में, फरीदाबाद के मानव शर्मा (बीपीसी रेसिंग) ने अपनी बेहतरीन टाइमिंग दिखायी। उन्होंने प्री फाइनल और फाइनल मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किया। उनके पास महज छह अंकों की बढ़त थी, और वे जानते थे कि छोटी सी गलती भी उनके लिए भारी पड़ सकती है। मानव ने 423 अंक हासिल किये और मेको के यश आराध्या से काफी आगे रहे।