मां को नहीं पसंद था क्रिकेट खेलना

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भारतीय महिला टीम रविवार को क्रिकेट वर्ल्डकप के फाइनल मुकाबले में लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड से भिड़ने वाली है. यह मुकाबला महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला बनने जा रहा है, स्टेडियम पर 28 हजार लोग इस मैच को देखेंगे. इसके अलावा टीवी पर दुनियाभर के करीब 10 करोड़ लोग यह मैच देखेंगे.जीतने वाली टीम को पांच करोड़ से अधिक की इनाम राशि दी जाएगी. यह टीम की सीनियर खिलाड़ी झूलन गोस्वामी का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है. भारतीय टीम के मुकाबले से पहले हमने झूलन के घरवालों से बात की, उनका कहना है कि वह बेहद कम उम्र से ही क्रिकेट खेलने लगी थीं. झूलन भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं.

झूलन गोस्वामी का घर चकदाह रेलवे स्टेशन के करीब ही है. इस जगह का नाम लालपुर है. बचपन के दिनों में झूलन स्थानीय फ्रेंड्स क्लब के लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं. 35 वर्षीय झूलन चेकदाह एक्सप्रेस के नाम से जानी जाती हैं, अपने करियर में उन्होंने सबकुछ हासिल कर लिया है, अब वह सिर्फ विश्वकप की ट्रॉफी हाथ में लेने का इंतजार कर रही हैं. झूलन की बहन झुम्पा गोस्वामी ने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा, “झूलन को स्कूल जाना बिल्कुल नहीं पसंद था. क्रिकेट उसका जुनून था. कभी-कभी उसे क्रिकेट खेलने से रोकने के लिए मां उसे घर में बंद कर देती थी. लेकिन इससे वह रुकी नहीं. वह चुपचाप घर से निकलती और क्रिकेट खेलने फ्रेंड्स क्लब पहुंच जदाती. फाइनल को लेकर हम काफी बेचैन हैं. हम खाना भी नहीं खा पा रहे, पर झूलन ने कहा कि चिंता की बात नहीं है. सब ठीक हो जाएगा और हम जीतेंगे."

झूलन की मां झरना गोस्वामी ने कहा, '' झूलन अब कोलकाता के दमदम में रहती हैं. उन्होंने वहीं से विश्वकप की तैयारी की. वह लंबे समय से यहां (चकदाह) नहीं आई है. पर मेरी बेटी को अपने घर आना बेहद अच्छा लगता है. फाइनल को लेकर हमें थोड़ी चिंता है. हमें जीतने की उम्मीद है. फाइनल मैच की टेंशन के चलते हम ठीक से खा भी नहीं पा रहे हैं.'' झूलन के पिता अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, ''हमें बेहद चिंता है लेकिन अंग्रेजों की धरती पर हमारी बेटी ने जो सफलता हासिल की है हमें उसकी खुशी भी है. यह हमारे परिवार और पूरे चकदाह के लिए एक बड़ा दिन है. हम सभी टीवी पर फाइनल मैच देखेंगे.''इससे पहले भारतीय महिला टीम ने साल 2005 में विश्वकप के फाइनल में जगह बनाई थी, हालांकि खिताब जीतने में टीम सफल नहीं हो पाई थी. इस वजह से आज के मुकाबले के लिए कप्तान मिताली राज की टीम का स्लोगन है, 'Do it now or never'