झाझरिया ने 'टास्क फोर्स' के समक्ष रखा खेल सुधार का रोडमैप

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नई दिल्ली। देश में खेलों के संवर्धन एवं विकास के साथ-साथ आगामी तीन ओलंपिक प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर गठित 'टास्क फोर्स' की पहली बैठक यहां जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में गुरूवार को संपन्न हुई। बैठक में राजस्थान के खेल गौरव एवं गत वर्ष आयोजित पैरा-ओलंपिक के गोल्ड मेडल विजेता देवेन्द्र झाझरिया ने अपने बहुमूल्य सुझाव रखे। झाझरिया ने बताया कि खेलों के विकास एवं आगामी ओलंपिको (2020, 2024, 2028) की तैयारी को आज से ही शुरू किया जाना अति आवश्यक है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए 'टारगेट पोडियम स्कीम' को अभी से लागू कर दिया जाना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार को सरकारी नौकरियों में 'खेल कोटे' को लागू करके बेहतर तरीके से क्रियान्वित करना चाहिए ताकि विजेता खिलाड़ियों एवं उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके तथा नई पीढ़ी की खेलों के प्रति रूचि को बढ़ावा मिल सके।

झाझरिया ने कहा कि ओलपिंक खेलों की बेहतर तैयारी के लिए खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाना अति आवश्यक है ताकि हमारी जमीन से उठकर आए खिलाड़ी वैश्विक प्रतियोगिता में देश का नाम रोशन कर सके। देवेन्द्र झाझरिया ने इस टास्क फोर्स का गठन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रयास से देश के खिलाड़ियों को जल्द एवं वैश्विक स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहयोग मिलेगा। बैठक में खेल जगत की नामचीन हस्तियां अभिनव बिन्द्रा एवं पुलेला गोपीचंद भी मौजूद थे।