खेल मंत्रालय हर 150 जिलों में एक खेल केंद्र बनाएगा; राज्यवर्धन सिंह राठौर

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नई दिल्ली। आजादी के बाद साल 2004 में ओलंपिक खेलों में शूटिंंग की डबल ट्रैप स्पर्धा में देश के लिए ओलंपिक मेडल(सिल्वर) जीतने वाले युवा मामले व खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर से भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ‘खेलो इंडिया कार्यक्रम’ को लेकर खास बातचीत की। प्रस्तुत है मुख्य अंश...

खेलो इंडिया को समझाएं... ये क्या है ? 

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर; खेलो इंडिया माध्यम से हम कई खेल प्रतिभाओं का चुनाव कर रहे हैं। इसकी पहली कड़ी में भारत में 31 जनवरी से 8 फरवरी तक अंडर-17 स्कूल पहली बार स्कूल गेम्स का इतने बड़े स्तर पर आयोजन हो रहा है जिसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन के साथ-साथ स्टार-स्पोर्ट करेगा। हमारा मकसद देश में छिपी खेल प्रतिभाओं को मोहल्लों, गांवों व शहरों से बाहर निकालना है। खेलो इंडिया में 12 आर्टिकल हैं। हम इसके माध्यम से वूमेन्स को खेलों के प्रति जागरूक कर खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। और इसी के माध्यम से बेहतर कोचों का चुनाव भी किया जाएगा। खेल मंत्रालय हर 150 जिलों में एक खेल केंद्र बनाएगा। 

अंडर -17 स्कूल गेम्स के बारे में बताएं? और खेलो इंडिया के पोस्टर्स पर टैग लाइन है खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब? 

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर; हम देश भर के स्कूलों से अंडर-17 खिलाडिय़ों को चुन रहे हैं। चुने गए 1000 खिलाडिय़ों को 8 साल तक 5-5 लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। बड़ी बात ये है कि पूरे भारत का अंडर-17 मुकाबला एक ही जगह यहां दिल्ली में हो रहा है। दूसरा, हम सब घरों में अपने बच्चों से कहते हैं पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब-खेलोगे कूदोगे होगे खराब। क्योंकि कुछ चुने हुए पेशे हैं डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर, टीचर इनमें कॅरियर बनाने को लोग लालायित रहते हैं। भारत सरकार सभी युवाओं को एक मौका-एक अवसर प्रदान कर रही है खेलों में कॅरियर बनाने का। इसलिए सरकार का बच्चों से कहना है खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब। अब खिलाड़ी बनना उतना कठिन नहीं रहा आप अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। और बेहतर करने पर चुन लिए जाएंगे।

किस तरह प्रतिभाओं का चुनाव करेगा? 

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर;हम खेलों में अर्जुन अवार्डी और द्रोणाचार्य अवार्डी पूर्व खिलाडिय़ों की एक सेलेक्शन कमेटी बना रहे हैं। जिसके माध्यम से 3 स्तर पर सेलेक्शन कमेटी युवाओं का चयन करेगी। जिसमें पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। इसके अलावा खेल मंत्रालय अंडर-17 का आयोजन क रने के बाद अगले कुछ सालों में अंडर-12 ग्रुप के खिलाडिय़ों का पूरे भारत से चयन करना चाहता है। ताकि उनकी उम्र के 20 साल पूरे होते-होते वो राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकें। हम देश भर में खेलों के प्रति ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जिससे आपके घरवाले खुद आपको खेलों में कॅरियर बनाने के लिए प्रेरित करें। क्योंकि हर बच्चा बचपन से खेलना चाहता है पर घर में माहौल खेलों के विपरीत होने की वजह से उसे दूसरा कॅरियर चुनना पड़ता है। खेलो इंडिया हर किसी को मैदान तक लाने के लिए प्रयासरत है। 

ग्रामीण भारत में अगर कोई बच्चा सोचता है कि वह खेलों में भाग ले तो उसके लिए तरीका क्या है? 

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर;हम खेलो इंडिया के माध्यम से 150 जिलों में एक स्पोर्ट सेंटर बना रहे हैं। ग्रामीण भारत के लिए हम खास रूरल गेम्स लेकर आ रहे हैं। अभी ये स्कूल गेम्स हैं इसी कड़ी में महिला खेल सहित कुल 12 तरह की श्रेणियां रखी गई हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से 16 तरह के खेलों को खेला जाएगा जिनका चयन बेहद आसान है। हमारी बनाई हुई एक्पर्ट सेलेक्शन कमेटी 3 स्तर पर उनका चयन करेगी। जिसमें पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। खेलो इंडिया के माध्यम से हम 2024 और 2028 के ओलंपिक के लिए खिलाड़ी तैयार करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया, यूएस, यूके आदि में खेलों के लिए खिलाड़ी चुनने की खास नीति है भारत में ऐसा क्या है? 

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर;हम खेलों में चयन को और सरल बनाने के लिए प्रयासरत हैं। ऑस्ट्रेलिया की तरह यहां क्लब कल्चर तो नहीं लेकिन हमने लीग के ऊपर ज्यादा ध्यान दिया है। विभिन्न लीग भारत में खेलों के लिए कम उम्र के युवाओं का चयन कर रहीं हैं। हम चाहते हैं भारत में माहौैल इतना स्पोर्ट फ्रैंडली बने कि मोहल्ला बनाम मोहल्ला सिटी -बनाम सिटी मैचों के आयोजन होने शुरू हो जाएं। खेल मंत्रालय युवाओं को खेलों के प्रति इसी तरह जागरूक करने का प्रयास करता रहेगा।