हॉकी / भारतीय टीम भुवनेश्वर में बेल्जियम से पहली बार हारी

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भुवनेश्वर:भारतीय हॉकी टीम को प्रो लीग में पहली बार हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर में वर्ल्ड नंबर-1 बेल्जियम ने भारत को 3-2 से हराया। इससे पहले, भारत ने शनिवार को वर्ल्ड चैम्पियन बेल्जियम को 2-1 से मात दी थी। बेल्जियम ने भुवनेश्वर में भारत को पहली बार हराया। इससे पहले, दोनों टीमों ने यहां चार मैच खेले थे, जिसमें भारत ने तीन जीते और एक ड्रॉ खेला था। भारतीय टीम लीग में अगले मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। भुवनेश्वर में दो मैच 21, 22 फरवरी को खेले जाएंगे।

कलिंगा स्टेडियम पर भारत की ओर से विवेक सागर प्रसाद ने 15वें और अमित रोहिदास ने 17वें मिनट में गोल किए। जबकि बेल्जियम के लिए पेनल्टी कॉर्नर स्पेशलिस्ट हैंड्रिक्स ने तीसरे और मैक्सिम ने 17वें व 26वें मिनट में गोल किए। हाफ टाइम तक स्कोर 3-2 था। आखिरी दोनों क्वार्टर में गोल नहीं हुए। भारत ने दो पेनल्टी कॉर्नर गंवाए। दोनों टीमों को गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन टीमों ने उन्हें नहीं भुनाया। भारत ने 11 और बेल्जियम ने 9 मौके गंवाए। बेल्जियम प्रो लीग में 14 पॉइंट लेकर पहले नंबर पर है जबकि भारत 8 पॉइंट के साथ दूसरे पर है।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच प्रो लीग (FIH Pro League) में वर्ल्ड नंबर-1 बेल्जियम को पहले मैच में 2-1 से हरा दिया. कलिंगा स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखा.भारतीय जीत में एक बार फिर डिफेंस का अहम योगदान रहा जिसने बेल्जियम को 12 पेनाल्टी कॉर्नर में सिर्फ एक को गोल में तब्दील करने दिया. साथ ही भारतीय अटैक ने भी लगातार आक्रमण कर मेहमान टीम को परेशान किया.

नीदरलैंडस जैसी टीम के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास लेकर उतरी भारतीय टीम ने बढ़त लेने में ज्यादा देर नहीं लगाई. मनदीप सिंह ने दूसरे मिनट में ही फील्ड गोल कर भारत को 1-0 से आगे कर दिया. मनदीप को सर्किल के अंदर गेंद मिली जिसे डिफलेक्ट करते हुए उन्होंने नेट में डाला.

बेल्जियम भी पीछे नहीं थी. अगले मिनट में मेहमान टीम को पेनाल्टी कॉर्नर मिला जो गोल में तब्दील नहीं हो सका. बेल्जियम को लगातार चार पेनाल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय डिफेंस ने एक बार फिर बेहतरीन काम करते हुए गोल नहीं खाया. आठवें मिनट में भी मेहमान टीम पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल नहीं कर पाई.

भारतीय डिफेंस के साथ गोलकीपर कृष्णा पाठक गोलपोस्ट के सामने दीवार की तरह खड़े हुए थे. उन्होंने बेल्जिमय के हर प्रयास को नाकाम किया और भारत ने पहले क्वार्टर का अंत 1-0 के साथ किया.दूसरे क्वार्टर में हालांकि पाठक बाहर चले गए और पीआर. श्रीजेश ने गोलपोस्ट पर मोर्चा संभाला लेकिन बेल्जियम को निराशा ही मिली. श्रीजेश ने 19वें मिनट में मेहमान टीम के एक और प्रयास को विफल कर दिया. इसी समय बेल्जियम के पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिस पर वो फिर गोल नहीं कर सकी.इस बीच रमनदीप सिंह ने भारत की बढ़त को दोगुना करने का मौका भी खो दिया. वह आखिरी समय में बेल्जियम के गोलकीपर को छका नहीं पाए.

दोनों टीमें आक्रामक खेल खेल रही थीं. कोई भी बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं था. काफी प्रयासों के बाद भी भारत दूसरे क्वार्टर की समाप्ति तक अपना स्कोर 2-0 नहीं कर पाई और ना ही बेल्जियम बराबरी का गोल दाग पाई.

बेल्जियम ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही बराबरी कर ली. 32वें मिनट में बेल्जियम को पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिस पर गौथियर बोक्कार्ड ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.

चौथे क्वार्टर में हालांकि भारत ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल कर एक बार फिर एक गोल की बढ़त ले ली. 41वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिसे हरमनप्रीत ने लिया. बेल्जियम के गोलकीपर ने पूरी कोशिश करते हुए गेंद रोक ली लेकिन वहीं खड़े रमनदीप ने तुरंत नेट में डाल 2-1 से आगे कर दिया.

आखिरी क्वार्टर में बेल्जिमय को कुछ और पेनाल्टी कॉर्नर मिले लेकिन विफलता ही उसके हाथ लगी. दोनों टीमें रविवार को एक बार फिर इसी मैदान पर आमने-सामने होंगी.