भारत बनाम वेस्टइंडीज; टेस्ट टीम में नायर, धवन और रोहित नहीं

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नई दिल्ली वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जब टीम इंडिया किया गया तो उसमें करुण नायर का नाम नहीं देखकर हर किसी को हैरानी हुई। वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट क्रिकेट में ट्रिपल सेंचुरी जड़ने वाले बल्लेबाज नायर लगभग पिछले डेढ़ साल से टेस्ट टीम के साथ थे, लेकिन इस बीच उन्हें इलेवन में कभी मौका नहीं मिला। फैंस के साथ नायर को भी उम्मीद थी कि वह बेंच पर हैं तो उन्हें मौका जरूर मिलेगा लेकिन सिलेक्टर्स ने चौंकाने वाला फैसला करते हुए उन्हें आगामी टेस्ट सीरीज में टीम में शामिल नहीं किया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर नायर को बिना मौका दिए बाहर करना था तो फिर इतने लंबे समय तो उन्हें टीम के साथ क्यों बनाए रखा गया। वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद टेस्ट मैचों में रोहित शर्मा को मौका न मिलने की वजह उनके फैंस के साथ-साथ हरभजन सिंह को भी समझ नहीं आ रही है। चयनकर्ताओं पर नाराजगी जाहिर करने के लिए रोहित के फैंस तो पहले से ही सोशल मीडिया का सहारा ले रहे थे, अब भज्जी ने भी इसपर ट्वीट किया है। 

दुनिया की सैर कराई 
नायर ने अभी तक 6 टेस्ट खेले हैं, जिसमें दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नै में लगाई गई उनकी ट्रिपल सेंचुरी भी शामिल है। वह उनका तीसरा टेस्ट मैच था। उसके बाद उन्हें सिर्फ तीन टेस्ट मैच में मौका मिला। मार्च 2017 में उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में खेला था। उस सीरीज में उनका बल्ला नहीं चला लेकिन सिलेक्टर्स ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीम में बरकरार रखा। इसके बाद भारत ने साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट खेला लेकिन इलेवन में उन्हें जगह नहीं मिली। फिर नायर टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी गए। पांच मैचों की सीरीज में उन्हें एक भी टेस्ट में मौका नहीं मिला। अगर नायर को बाहर ही करना था तो फिर सिलेक्टर्स उन्हें दुनिया की सैर क्यों कराते रहे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद ही उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता था। तब शायद नायर और क्रिकेट फैंस को यह अटपटा नहीं लगता। 

उपमहाद्वीप में शिखर हैं बेस्ट 
भारत के स्टाइलिश ओपनर शिखर धवन को भी टेस्ट टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इंग्लैंड में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा लेकिन उपमहाद्वीप में लौटते ही उनका बल्ला एक बार फिर रन उगलने लगा है। एशिया कप में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड अपने नाम किया। हालांकि धवन को इंग्लैंड की पिचों पर किए गए प्रदर्शन के आधार पर आंका गया, लेकिन सिलेक्टर्स यह भूल गए कि धवन उपमहाद्वीप की पिचों पर रन बनाने में माहिर हैं। भारत ने इससे पहले घरेलू मैदान पर जो पिछला टेस्ट मैच खेला था उसमें भी धवन ने सेंचुरी जड़ी थी। ऐसे में जब हम फिर से घरेलू मैदान पर लौट आए हैं तो फिर धवन को टीम से बाहर करने का औचित्य समझ से परे है। साथ ही रोहित शर्मा को भी टेस्ट में शामिल नहीं किए जाने पर हरभजन सिंह और सौरभ गांगुली ने अपनी नाखुशी जाहिर की है। 

तीन ओपनर्स का क्या काम 
घोषित टेस्ट टीम में केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शॉ के रूप में तीन स्पेशलिस्ट ओपनर्स शामिल हैं। राहुल ने इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम टेस्ट में शानदार सेंचुरी जड़ी थी और वेस्ट इंडीज के खिलाफ ओपनिंग में उनका स्थान पक्का नजर आ रहा है। मयंक और शॉ दो नए चेहरे हैं जिनमें से किसी एक को इलेवन को मौका मिलना तय है।वेस्ट इंडीज के खिलाफ केवल दो टेस्ट खेलने हैं और जिसे पहले टेस्ट के इलेवन में जगह मिलेगी, उसे ही दूसरे मैच में भी इलेवन में रखा जाएगा। यानी एक स्पेशलिस्ट ओपनर बेंच पर ही बैठा रह जाएगा। अगर नई ओपनिंग चल पड़ी तो फिर बेंच पर बैठे उस ओपनर का हाल भी करुण नायर जैसा हो सकता है। उसे भी दुनिया की सैर कराने के बाद सिलेक्टर्स कहीं ‘डंप’ न कर दें।