एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

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भारत ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन रविवार को पांच स्वर्ण पदक हासिल किए और शीर्ष पर रहते हुए टूर्नामेंट का समापन किया. भारत ने कुल 12 स्वर्ण पदक हासिल किए. भारत ने टूर्नामेंट में कुल 12 स्वर्ण पदक, पांच रजत पदक और 12 कांस्य पदक हासिल किए.

भारत ने चीन को पछाड़ा

एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इससे पहले भारत ने एशियाई चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2013 में चीन के वुहान में किया था, जहां भारत ने चार स्वर्ण के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था.एशियाई क्षेत्र में दिग्गज चीन ने दूसरा स्थान हासिल किया, हालांकि पदकों के मामले में वह भारत से काफी पीछे रहा. चीन ने आठ स्वर्ण, सात रजत और पांच कांस्य पदक हासिल किए.तीसरा स्थान कजाकिस्तान को मिला. कजाकिस्तान ने चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए.

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

हरियाणा के नीरज चोपड़ा ने चौथे और अंतिम दिन रविवार को जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर 22वीं एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप को अपने लिए यादगार बना दिया. नीरज ने 85.23 मीटर दूरी हासिल करते हुए टूर्नामेंट में नया कीर्तिमान रचा. पानीपत जिले के खंडरा गांव के 20 वर्षीय नीरज ने 85.23 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर वर्ग में पहला स्वर्ण पदक जीता.भारत के देवेंद्र सिंह (83.29 मी.) इस स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहे. नीरज ने पिछले हफ्ते पेरिस में हुई डायमंड लीग में सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था, जहां वह पांचवें स्थान पर रहे थे. नीरज पिछले साल पोलैंड में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियों में आए थे.

अर्चना से छिना स्वर्ण पदक

भारत को हालांकि आखिरी दिन एक झटका भी लगा जब अर्चना अधव से श्रीलंका की निमाली वालिवर्षा कोंडा के विरोध के बाद महिलाओं की 800 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक छीन लिया गया और श्रीलंकाई एथलीट को चैंपियन घोषित कर दिया गया. 22 वर्षीय अर्चना ने दो मिनट, 02 सेकेंड में दौड़ पूरी करके 800 मीटर का स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन निमाली ने बाद में विरोध दर्ज कराया कि भारतीय एथलीट ने फिनिश लाइन पर उन्हें पीछे से धक्का दिया था. इसके बाद अर्चना को अयोग्य घोषित कर दिया गया और दो मिनट, 05.23 सेकेंड में दौड़ पूरी करने वाली निमाली को स्वर्ण पदक दे दिया गया. रजत श्रीलंका की ही गयंतिका अबेयरत्ने (2:05.27) को और कांस्य पदक जापान की फूमिका ओमारी (2:06.50) को मिला.

 स्वप्ना ने खोला स्वर्ण का खाता

इसके बावजूद कलिंग स्टेडियम में भारतीय एथलीटों का दबदबा रहा. हेप्टाथलन में स्वप्ना बर्मन ने भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया. बर्मन सातवीं और अंतिम स्पर्धा (800 मीटर) में चौथे स्थान पर आने के बावजूद स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं. उनके पास खिताब जीतने के लिए पर्याप्त अंक थे. बंगाल की इस 20 वर्षीय एथलीट ने सात स्पर्धाओं में कुल 5942 अंक बनाए. वह 800 मीटर की दौड़ पूरी करने के तुरंत बाद गिर गयीं और उन्हें तुरंत चिकित्सा मुहैया कराई गई . जापान की मेग हेंपिल 5883 अंक लेकर दूसरे और पूर्णिमा हेम्ब्रम 5798 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.

लक्ष्मणन का गोल्डन डबल

पुरुषों की दस मीटर दौड़ में गोविंदन लक्ष्मणन (29 मिनट, 55.87 सेकेंड) ने स्वर्ण पदक जीतकर गोल्डन डबल पूरा किया. भारत के लिए गोपी थोंकनाल (29 मिनट, 29.89 सेकेंड) ने रजत पदक पर कब्जा किया. लक्ष्मणन ने पहले दिन पांच हजार मीटर दौड़ में भी पीला तमगा जीता था. जिनसन जॉनसन ने पुरुषों की 800 मी. दौड़ में एक मिनट, 50.07 सेकेंड का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहे.

रिले टीमों ने भी दिखाया दम

इसके बाद महिलाओं की चार गुणा चार सौ मीटर रिले टीम (निर्मला श्योराण, एम पूवम्मा, जिस्ना मैथ्यू और देबाश्री मजूमदार) ने 3:31.34 सेकेंड के साथ पहला स्थान हासिल कर देश को चौथा, जबकि पुरुषों ने इसी स्पर्धा में पीला तमगा जीतकर पांचवां स्वर्ण दिलाया. कुन्हू मुहम्मद, मुहम्मद अनस, राजीव अरोकिया और अमोज जैकब की पुरुष टीम ने तीन मिनट, 2.92 सेकेंड का समय निकाला.