भारत का एफआईएच हॉकी प्रो लीग में पहला मुकाबला हॉलैंड से

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टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई कर चुका भारत एफआईएच हॉकी प्रो लीग में पहली बार हिस्सा लेने जा रहा है और उसका पहला मुकाबला 18 और 19 जनवरी को यहां के कलिंगा स्टेडियम में होगा। हॉलैंड विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है जबकि भारत पांचवें स्थान पर है। हॉलैंड ने पिछले साल प्रो लीग के पहले संस्करण में तीसरा स्थान हासिल किया था जबकि भारतीय टीम इस लीग में पदार्पण करने जा रही है। भारत अपने घरेलू मैच 15000 दर्शकों की क्षमता वाले कलिंगा स्टेडियम में खेलेगा। 

विश्व की पांचवें नंबर की टीम भारत ने गत वर्ष नवंबर में ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में रूस को आसानी से हराकर टोक्यो ओलंपिक का टिकट पाया था। भारत आठ बार का ओलंपिक चैंपियन है और उसने ओलम्पिक में आखिरी बार स्वर्ण पदक 1980 के मॉस्को ओलंपिक में जीता था, लेकिन उसके बाद से भारतीय हॉकी को अपने पहले ओलंपिक पदक का इंतजार है।

प्रो लीग की शुरुआत 11 जनवरी से हो गई है और चैंपियन हॉलैंड की महिला टीम ने चीन के जांग झोऊ स्थित वुजिन हॉकी स्टेडियम में उद्घाटन मुकाबले में चीन को 11 और 12 जनवरी को क्रमश: 3-0 और 4-2 से हराया था।भारत और हॉलैंड का आखिरी मुकाबला 2018 के विश्व कप में कलिंगा स्टेडियम में ही हुआ था और हॉलैंड ने मेजबान भारत को क्वार्टरफाइनल में 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। दोनों टीमों के बीच 2013 से पिछले 10 मुकाबलों में हॉलैंड ने पांच और भारत ने चार जीते हैं।

जनवरी से जून 2020 के बीच चलने वाली इस प्रो लीग में 144 मैच खेले जाएंगे और दुनिया की श्रेष्ठ पुरुष और महिला टीमें खिताब जीतने का प्रयास करेगी। इस टूर्नामेंट का पहला संस्करण 2019 में हुआ था। वर्ष 2020 का संस्करण टोक्यो ओलंपिक को देखते हुए खासा महत्वपूर्ण हो गया है। 11 देशों में 20 स्थल प्रो लीग के मैचों की मेजबानी करेंगे। 

सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि प्रो लीग में हिस्सा ले रही 18 टीमों में से 16 टीमें इस साल के टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रही हैं और इन सभी टीमों को अपनी ओलंपिक तैयारियों को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

इस बार पहले संस्करण के मुकाबले कुछ परिवर्तन किया गया है। पहले सत्र की समाप्ति पर ग्रैंड फाइनल हुआ था, जिसे इस बार समाप्त कर दिया गया है। इस बार पुरूष और महिला चैंपियन टीम वो होगी जो प्रतियोगिता की समाप्ति पर सबसे अधिक अंक जुटाएगी।

भारतीय टीम को प्रो लीग के पहले विजेता और ओसनिया चैंपियन ऑस्ट्रेलिया (रैंकिंग-1), विश्व और यूरोपियन चैंपियन बेल्जियम (2), ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना (4), हॉलैंड (3), जर्मनी (6), ब्रिटेन (7), स्पेन (8) और न्यूजीलैंड (9) से होम एंड अवे आधार पर भिड़ना है।