हिमा दास की जिंदगी की प्रेरक कहानी

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नई दिल्ली। हिमा दास ‘धींग एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर भारत की स्टार एथलीट हैं। उन्होंने साल 2018 में हुई अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से हिमा सीनियर लेवल पर भी कमाल का खेल दिखा रही हैं। कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। हिमा के नाम से परिचित लोगों को पता है कि उनके लिए चीजें इतनी आसान नहीं रहीं। उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता था। अब हिमा ने इसी गरीबी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा शेयर किया है। 26 अप्रैल, रविवार को हिमा ने क्रिकेटर सुरेश रैना के साथ इंस्टाग्राम लाइव किया। इस लाइव में हिमा ने बताया कि कैसे उन्होंने बचपन में अपने जूतों पर एडिडास लिखा था।मौजूदा वक्त में एडिडास हिमा के लिए उनका नाम लिखे हुए खास जूते बनाता है। हिमा आजकल पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में हैं। बकौल हिमा दास ‘जब मैंने दौड़ना शुरू किया, मैं पैदल भागती थी लेकिन मेरे पहले नेशनल्स में पिताजी मेरे लिए स्पाइक (कांटेदार) वाले जूते लाए. वह दौड़ने वाले नॉर्मल जूते थे। मैंने अपने हाथों से जूतों पर ‘एडिडास’ लिखा। आपको नहीं पता कि भाग्य आपको कहां ले जाएगा। आज एडिडास मेरे नाम से जूते बना रहा है।’ साल 2018 में जब हिमा ने अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में 400 मीटर का गोल्ड जीता था, तभी एडिडास ने उन्हें अपना ब्रांड अम्बेसडर बना लिया था. इसके बाद से यह जर्मन कंपनी हिमा के लिए खास जूते बनाती है। इन जूतों में एक तरफ ‘हिमा दास’, तो दूसरी ओर ‘इतिहास बनाओ’ लिखा होता है।हिमा ने इस लाइव में और भी कई चीजों पर बात की. इसी दौरान उन्होंने कहा कि जब वह वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स 2018 से घर लौटीं, तो गुवाहाटी एयरपोर्ट पर भीड़ देखकर उन्हें यकीन नहीं हुआ कि इतने लोग उन्हें रिसीव करने आए हैं.

हिमा अंतरराष्ट्रीय ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय

हिमा ने फिनलैंड में 2018 में हुई अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा था। वे अंतरराष्ट्रीय ट्रैक इवेंट में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय हैं। इसके बाद जर्मनी की जूते बनाने वाली कंपनी ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। कंपनी ने उनकी जरूरत के हिसाब से जूते बनाए, जिसमें एक तरफ उनका नाम और दूसरी तरफ ‘इतिहास रचें’ लिखा है।

2018 एशियन गेम्स के बाद लोगों की एथलेटिक्स में रुचि बढ़ी
बीस साल की इस एथलीट ने रैना से बातचीत के दौरान कहा कि इंडोनेशिया में हुए 2018 एशियन गेम्स के बाद लोगों में एथलेटिक्स को लेकर रूचि बढ़ी है। इन खेलों में हिमा ने 400 मीटर रेस में सिल्वर जीतने के अलावा महिलाओं की 400 मीटर रिले और 400 मीटर मिक्स्ड रिले में भी गोल्ड जीता था। उनके मुताबिक, अब फैंस बार-बार आपका नाम पुकारते हैं। इससे आपको प्रेरणा मिलती है।

हिमा लॉकडाउन में फिटनेस पर काम कर रहीं

हिमा फिलहाल पाटियाला के नेशनल स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट (एनआईएस) में हैं और खुद को फिट रखने में जुटी हैं। ताकि लॉकडाउन खत्म होने पर ट्रैक पर लौटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। अपनी तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि मैं लॉकडाउन को सकारात्मक रूप से ले रही हूं। हमें मैदान पर जाने की इजाजत नहीं है। इसलिए मैं अपने कमरे में ही वर्कआउट करती हूं। मैं योगा करती हूं ताकि शरीर में खून का संचार अच्छा बना रहे। साथ ही डाइट का भी खास ध्यान रख रही हूं। मैं इस दौरान ज्यादा फल खा रही हूं। मैं अपनी चोट से पूरी तरह उबर चुकी हूं और अब फिट हूं। बस यही सोच रही हूं कि खुद को फिट रखना है, ताकि लॉकडाउन हटते ही ओलिंपिक की तैयारियों में जुट जाऊं।

सचिन से पहली बार मिलने पर आंसू निकल आए थे
हिमा ने लाइव चैट के दौरान रैना को सचिन तेंदुलकर से हुई पहली मुलाकात के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सचिन मेरे रोल मॉडल रहे हैं। मुझे आज भी याद है जब मैंने उन्हें देखा तो रोने लग गई। मेरे लिए यह जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल था। अपने रोल मॉडल से मिलना हर किसी के लिए बड़ा खास होता है।