एथलेटिक्स को साफ सुथरा बनाने का मौका

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नई दिल्ली :  लंबी दूरी के  दिग्गज धावक हेल गैब्रेसेलासी ने एथलेटिक्स के शीर्ष पदाधिकारियों को सुझाव दिया है कि वे हाल के डोपिंग के संकट के आगे झुकने के बजाय इसे एक मौके के तौर पर देखें और इस खेल को पूरी तरह से साफ सुथरा बनाने की कोशिश करें।

इथोपिया के गैब्रेसेलासी यहां रविवार को होने वाली नई दिल्ली मैराथन के संबंध में आये हैं। उन्होंने कहा कि रूसी डोपिंग कांड से शुरू हुए विवाद के बाद एथलेटिक्स और मजबूत होकर आगे बढ़ेगा। अटलांटा 1996 और सिडनी ओलंपिक 2000 में स्वर्ण पदक जीतने वाले गैब्रेसेलासी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह (रूस में बड़े स्तर पर डोपिंग का पता चलना) बुरे के साथ अच्छा भी है। बुरा इसलिए क्योंकि लोग इसके सामने आने से सकते में आ गये और अच्छा इसलिए क्योंकि हमें अब इस खेल को साफ सुथरा बनाने का मौका मिल गया है।’ 

उन्होंने कहा, ‘इस तरह से देखा जाए तो हम भाग्यशाली हैं और हमें इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। आईएएएफ अध्यक्ष और कार्यकारी परिषद कड़ी मेहनत कर रही है। वे इस पूरे मामले की जांच करवा रहे हैं और मुझे लगता है कि एथलेटिक्स साफ सुथरा खेल होगा और इससे यह मजबूत होकर आगे बढ़ेगा।’ गैब्रेसेलासी ने कहा, ‘यहां तक कि मेरे देश इथोपिया में हमने कड़े नियम बनाये हैं और दोषियों को जेल भेजने और डोपिंग को आपराधिक अपराध की श्रेणी में रखने जैसी सजाएं तय की है।’ 

यह स्टार धावक नई दिल्ली मैराथन के दौरान उपस्थित रहेंगे जिसको भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर झंडी दिखाएंगे। गैब्रेसेलासी से जब पूछा गया कि क्या वह तेंदुलकर के बारे में जानते हैं, उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि वह भारत में बड़ी शख्सियत हैं और वह स्वयं काफी अच्छे इंसान हैं। मैं जानता हूं कि भारतीय क्रिकेट को लेकर काफी क्रेजी हैं। यही चीज इथोपिया में एथलेटिक्स को लेकर है। मैं क्रिकेट प्रशसंक नहीं हूं लेकिन मैंने एक बार मैच में देखा था। वे जिस तरह से रन गिनते हैं वह थोड़ा दिलचस्प था।’ 

 गैब्रेसेलासी ने 1993 से 1999 तक विश्व चैंपियनशिप में 10,000 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने अपने चमकदार करियर में 5000 मीटर से लेकर मैराथन तक लंबी दूरी की विभिन्न दौड़ में कुल 27 विश्व रिकार्ड बनाये थे। वह अभी इथोपिया एथलेक्टिस महासंघ के अध्यक्ष हैं। भारत को एथलेटिक्स में कमजोर माना जाता है लेकिन गैब्रेसेलासी का मानना है कि देश में काफी प्रतिभा है। 

उन्होंने कहा, ‘भारत में काफी प्रतिभा और क्षमता है। मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। मैं गंभीर हूं। ओलंपिक या विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाला पहला एथलीट ढूंढना मुश्किल हो सकता है लेकिन एक बार ऐसा एथलीट मिलने के बाद कई अन्य एथलीट भी सामने आएंगे। मुझे नहीं लगता कि जो लोग हिमालय के करीब रहते हैं वे शीर्ष स्तर के लंबी दूरी के धावक नहीं बन सकते।’