अनिल कुंबले की विदाई के पांच कारण...

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नई दिल्ली: 'अनिल कुंबले से डरते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी...' और 'हेडमास्टर जैसा है अनिल कुंबले का बर्ताव...' यही वे प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जिनकी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम के कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच मनमुटाव हुआ, और आखिरकार कुंबले को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन कुछ और वजहें भी हैं, जिनसे भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारी पहले से ही अनिल कुंबले से खुश नहीं थे... आइए, जानते हैं ऐसे पांच प्रमुख कारण...

  1. माना जा रहा है कि यह शिकायत खुद कप्तान विराट कोहली ने की थी कि अनिल कुंबले टीम इंडिया के साथ ज़रूरत से ज़्यादा सख्त रवैया अपना रहे हैं, और उनकी मौजूदगी से खिलाड़ियों को डर लग रहा था...
  2. अनिल कुंबले के सख्त रवैये की वजह से कुछ खिलाड़ी घायल भी हुए, और विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जैसे सीनियर खिलाड़ियों को यह ठीक नहीं लगा...
  3. अनिल कुंबले टीम चयन का भी अहम हिस्सा बनना चाहते थे और माना जा रहा है कि उन्होंने सुझाव दिया था कि कप्तान और कोच को टीम चुनने का अधिकार होना चाहिए, जबकि इस समय चयन समिति टीम चुनने के लिए कप्तान और कोच की सलाह ज़रूर लेती है, लेकिन उनकी राय मानने के लिए समिति बाध्य नहीं है, यानी कप्तान और कोच को चयन के दौरान वोट करने का अधिकार नहीं है...
  4. अनिल कुंबले बीसीसीआई के मौजूदा अधिकारियों से किसी भी तरह की चर्चा नहीं करते थे, और वह अपने सुझाव लेकर सीधे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के पास जाया करते थे...
  5. इतना ही नहीं, बोर्ड के कुछ अधिकारियों को लगता है कि जब पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढा समिति के लोग अनिल कुंबले से मिले थे, तो बीसीसीआई के खिलाफ सबसे ज़्यादा टिप्पणियां करने वाले वही थे और उन्हीं की सिफारिशों का नतीजा है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के खिलाफ सख्त फैसला लिया...

    विराट से रिश्ते खराब होने के संभावित कारण

    1. सख्त कोच से दिक्कत
    कहा जाता है कि कोच कुंबले टीम इंडिया में अनुशासन को लेकर काफी सख्त थे. कई मौकों पर वह प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों को लताड़ भी लगा चुके थे. साथ ही कई दौरों पर वे टीम के खिलाड़ियों की गर्लफ्रेंड, पत्नियों के जाने के भी खिलाफ थे. हालांकि, इस बारे में कभी उन्होंने खुलकर कोई बयान नहीं दिया.

    2. विराट का शास्त्री प्रेम
    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो कोच के तौर पर विराट कोहली की पहली पसंद रवि शास्त्री हैं. वह कुंबले से पहले बतौर डायरेक्टर और कोच टीम इंडिया से जुड़े थे.

    3. विराट ने किया खुलकर विरोध
    चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के हाथों हार के बाद कोच कुंबले और कप्तान विराट के बीच सुलझता हुआ मामला फिर उलझ गया था. विराट ने फाइनल से एक दिन पहले क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के समक्ष कुंबले को लेकर खुलकर आपत्ति जताई थी. जिससे सलाहकार समिति पसोपेश में थी.

कुंबले ने जारी किया बयान, कहा- मेरी स्टाइल से कैप्टन को परेशानी
कुंबले ने कहा- 'सीएसी (कोच अप्वाइंटमेंट कमेटी) का मैं शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरे पर विश्वास जताया और मुझे बतौर हेड कोच काम जारी रखने को कहा. मैं पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों का श्रेय कैप्टन, पूरी टीम, कोचिंग और स्पोर्टिंग स्टाफ को दूंगा.'ट्विटर पर जारी बयान में उन्होंने कहा- मुझे कल बीसीसीआई ने पहली बार बताया कि कैप्टन (विराट कोहली) को मेरी 'स्टाइल' और मेरे कोच पद पर बरकार रहने से परेशानी है. इस बात से मैं आश्चर्यचकित था, क्योंकि मैंने हमेशा ही कप्तान और कोच के बीच सीमाओं की भूमिका का सम्मान किया है. हालांकि बीसीसीआई ने कैप्टन और मेरे बीच गलतफहमी को सुलझाने की कोशिश की. पर मैं सोचता हूं कि मेरे लिए यहां से मूव कर जाना ही अच्छा है.पेशेवर, अनुशासन, प्रतिबद्धता, ईमानदारी, कौशल और विभिन्न विचार महत्वपूर्ण है. मैंने इन्हें सामने रखा. साझेदारी का प्रभाव दिखे, इसलिए इनका मूल्यांकन जरूरी है. मैं सोचता हूं कि कोच की भूमिका है, टीम के हित में आत्म सुधार करने के लिए आईना लेकर खड़ा रहना. कुंबले ने आगे लिखा, 'इन्हीं ‘ऐतराज’ के चलते मुझे लगता है इस जिम्मेदारी को क्रिकेट सलाहकार समिति और बीसीसीआई को सौंप देना चाहिए, वे जिसे योग्य समझें उसे ये जिम्मेदारी सौंप दें.