फुटबॉल विश्व कप: फाइनल में फ्रांस,

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फ्रांसीसी टीम ने बेल्जियम को 1-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2018 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है.रविवार को होने वाले फाइनल में उसका मुक़ाबला इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच आज होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से होगा.फ्रांस की तरफ़ से एकमात्र गोल सैमुअल उमटीटी ने 52वें मिनट में किया. उन्होंने एंटॉयने ग्रीज़मन के कॉर्नर को अपने शानदार हेडर से गोल पोस्ट में डाल दिया.पूर्व चेल्सी फुटबॉलर पैट नेविन ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव पर कहा कि भले ही बेल्जियम की टीम ने 64 फीसदी समय तक गेंद को अपने क़ब्ज़े में रखा हो, लेकिन फ्रांसीसी टीम यह मैच जीतने की हक़दार थी.उन्होंने कहा, "दूसरे हाफ में मुझे एक बार भी नहीं लगा कि बेल्जियम की टीम स्कोर करने वाली है. फ्रांसीसी टीम अच्छी है और बेहतर होती जा रही है."

बेल्जियम के खिलाड़ियों के पास लगभग दो-तिहाई समय तक गेंद रही, लेकिन वे गोल के सिर्फ नौ प्रयास कर पाए. जबकि फ्रांस के क़ब्ज़े में बहुत कम समय तक गेंद रही, फिर भी उन्होंने गोल पोस्ट को निशाने पर लेकर 19 कोशिशें की.पिछले छह विश्व कप में (साल 1998 के बाद से) फ्रांस तीसरी बार फाइनल मुक़ाबला खेलेगा. इस दौरान कोई और टीम इतनी बार फाइनल में नहीं पहुंची है. इस बीच जर्मनी और ब्राजील दो-दो बार फाइनल खेल चुके हैं.इंग्लैंड के मिडफील्डर रहे डैनी मर्फी ने बीबीसी से कहा, "किस्मत ने भी बेल्जियम के खिलाड़ियों का साथ नहीं दिया. जब सामने वाली टीम पीछे हटकर रक्षा कर रही हो तो आपको ख़तरे उठाकर टीम को खोलना होता है. लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके."

मैच रिपोर्ट-

इस मैच का इकलौता गोल 51वें मिनट में आया. यह गोल सैम्युएल उमटिटी हेडर से किया. फ्रांस के ओलीवर जीरू को बॉक्स में गेंद मिली, जिसे उन्हें घूमकर नेट में डालना चाहा और इसी दौरान गेंद बेल्जियम के डिफेंडर के पैर से लग कर बाहर चली गई. फ्रांस को कॉर्नर मिला. जिसे एंटोनी ग्रीजमैन ने लिया और उनकी किक पर उमटिटी ने हेडर के जरिए गोल कर फ्रांस को 1-0 से आगे कर दिया.फ्रांस की इस जीत में उसके गोलकीपर ह्यूगो लोरिस का भी बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने दोनों हाफों में कई शानदार बचाव किए. वहीं, बेल्जियम के गोलकीपर तिबाउत कोटरेइस ने भी फ्रांस को कई मौकों पर दूसरे गोल से दूर रखा. फ्रांस के डिफेंस ने भी अच्छा काम किया और बेल्जियम के रोमेलु लुकाकु और एडन हेजार्ड को साफ मौकों पर गोल नहीं करने दिए.

गोल खाने के बाद बेल्जियम के खिलाड़ियों में बराबरी करने की जल्दबाजी साफ देखी जा रही थी और इसी कारण उन्हें तीन येलो कार्ड मिले. इससे पहले पहले हाफ में बेल्जियम ने हालांकि मौके थोड़ा ज्यादा बनाए. फ्रांस ने कम मौके बनाए, लेकिन उसके मौके काफी करीबी थी. बेल्जियम ने शुरुआत से अच्छी तरह से फ्लैंक को बदला, जिससे फ्रांस के डिफेंस को थोड़ी परेशानी भी आई.हेजार्ड ने शुरू से फ्रांस के डिफेंसिव लाइन को व्यस्त रखा. हालांकि 11वें मिनट में फ्रांस को दो लगातार मौके मिले, जिन्हें वो फिनिश नहीं कर पाया. दो मिनट बाद ही पॉल पोग्बा ने डेम्बेले को छकाते हुए एम्बाप्पे को पास दिया जो गोल करने में असफल साबित हुए.दो मिनट बाद बेल्जियम के डी ब्रूयन ने फ्रांस का लापरवाही का फायदा उठाया और गेंद हेजार्ड को दी जो उसे बाहर खेल गए. अब बेल्जियम ने फ्रांस को बैकफुट पर धकेलना शुरू कर दिया था. यहां से फ्रांस के गोलकीपर लोरिस की परीक्षा शुरू हुई.22वें मिनट में बेल्जियम के टोबी एल्डरवीरेल्ड ने बॉक्स के बाहर से सीधा गोलपोस्ट पर निशाना साधा, लोरिस के हाथों में गया. इससे तीन मिनट पहले हेजार्ड भी मौका गंवा चुके थे. बेल्जियम लगातार फ्रांस के घेरे में जा रही थी, लेकिन उमटिटी, एनगोलो कान्ते और पोग्बा उसके बनाए गए मौको को अंजाम तक पहुंचने नहीं दे रहे थे.दोनों टीमों के लिए इस हाफ के सबसे अच्छे मौके आए. 40वें मिनट में एम्बाप्पे ने बेहतरीन पास दिया. पेवार्ड ने गोल पोस्ट की तरफ गेंद को खेला, जो बेल्जियम के गोलकीपर कोटरेइस के पांव से टकरा कर बाहर चला गया. 45वें मिनट में लुकाकु ने बेल्जियम को 1-0 की बढ़त दिलाने का मौक छोड़ दिया. बॉक्स के बाहर से डी ब्रयून ने गेंद बॉक्स में डाली जहां लुकाकु गोल के सामने ही खड़े थे. हालांकि उनसे पहले उमटिटी थे, लेकिन गेंद पर अपना कब्जा नहीं जमा पाए और गेंद लुकाकु के पास आई जो तैयार नहीं थे. पहले हाफ का अंत बिना किसी गोल के हुआ.