फीफा ने मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट पर उठाए सवाल

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नई दिल्ली । फुटबॉल की विश्व संचालन संस्था फीफा ने कहा है कि वह भारत सरकार के अंडर-17 विश्व कप के उद्घाटन समारोह के आयोजन की योजना से खुश नहीं है। इसके साथ ही संस्था ने कहा कि इसके बजाय इस राशि को खेल पर खर्च किया जाना चाहिए। फीफा और स्थानीय आयोजन समिति शुरुआत से ही इस बात पर जोर दे रही है कि फीफा टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह नहीं कराया जाता, लेकिन विजय गोयल  के अधीन खेल मंत्रालय जिद कर रहा था कि अगले महीने होने वाले इस टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह कराया जाए। हालांकि, आपको बता दें कि ताजा घटनाक्रम के तहत अब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ खेल मंत्री बन गए हैं। 

यह पूछने पर कि फीफा सरकार के उद्घाटन समारोह कराने की योजना के बारे में क्या सोचती है तो टूर्नामेंट प्रमुख जैमी यार्जा ने कहा, 'फीफा और अंडर-17 विश्व कप की आयोजन समिति टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए भारत सरकार के साथ काफी करीब से बात कर रही है। इस दौरान फीफा को भारत सरकार की उद्घाटन समारोह कराने की दिलचस्पी के बारे में भी सूचित किया गया।'उन्होंने कहा, 'पिछले टूर्नामेंट को देखते हुए और खेल के बेहतर हित को ध्यान में रखते हुए हमारा मानना है कि मुख्य ध्यान फुटबॉल और खिलाड़ियों पर ही रखा जाए और उद्घाटन समारोह के लिए रखी गई राशि को युवाओं पर और देश में फुटबॉल के विकास पर लगाया जाए।'

फीफा और स्थानीय आयोजन समिति शुरुआत से ही इस बात पर जोर दे रही है कि फीफा टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह नहीं कराया जाता, लेकिन विजय गोयल  के अधीन खेल मंत्रालय जिद कर रहा था कि अगले महीने होने वाले इस टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह कराया जाए। हालांकि, आपको बता दें कि ताजा घटनाक्रम के तहत अब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ खेल मंत्री बन गए हैं। यह पूछने पर कि फीफा सरकार के उद्घाटन समारोह कराने की योजना के बारे में क्या सोचती है तो टूर्नामेंट प्रमुख जैमी यार्जा ने कहा, 'फीफा और अंडर-17 विश्व कप की आयोजन समिति टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए भारत सरकार के साथ काफी करीब से बात कर रही है। इस दौरान फीफा को भारत सरकार की उद्घाटन समारोह कराने की दिलचस्पी के बारे में भी सूचित किया गया।'उन्होंने कहा, 'पिछले टूर्नामेंट को देखते हुए और खेल के बेहतर हित को ध्यान में रखते हुए हमारा मानना है कि मुख्य ध्यान फुटबॉल और खिलाड़ियों पर ही रखा जाए और उद्घाटन समारोह के लिए रखी गई राशि को युवाओं पर और देश में फुटबॉल के विकास पर लगाया जाए।'