एशियन गेम्स और उसका इतिहास

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इंडोनेशिया के जकार्ता में 18वें एशियन गेम्स का शुभारंभ 18 अगस्त को होने जा रहा है। इंडोनेशिया दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी करेगा। 2 सितंबर तक चलने वाले इस खेल को एशियाड और एशियाई खेल के नाम से भी जाना जाता है।
 
आइए आपको बताते हैं, इन खेलों से जुड़ी वह दिलचस्प और अहम जानकारियां जो आप जरूर जानना चाहेंगे।

पहले एशियन गेम्स का आयोजन 1951 में दिल्ली में हुआ था, जिसमें 11 देशों ने हिस्सा लिया था। भारत ने 1982 में दूसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी की थी।


एशियन गेम्स में 46 देश हिस्सा ले चुके हैं। इस बार कुल 45 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसे ओलंपिक के बाद दूसरे सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट के तौर पर जाना जाता है।

अबतक 9 देशों ने एशियन गेम्स की मेजबानी की है। थाइलैंड ने सबसे ज्यादा 4 बार इसकी मेजबानी की है। दक्षिण कोरिया ने 3 बार मेजबानी की है। भारत ने 2 बार मेजबानी की है।

पाकिस्तान को 1975 में इस एशियन गेम्स की मेजबानी का मौका मिला था लेकिन वित्तिय संकट और राजनीतिक वजहों से वह मेजबानी नहीं कर पाया। अबतक पाकिस्तान ने किसी एशियन गेम्स की मेजबानी नहीं की है।

1951 से पहले ऐसा था प्रदर्शन

1951 में पहले एशियन गेम्स के आयोजन से लेकर 1978 तक इसका आयोजन एशियन गेम्स फेडरेशन करता था। 1982 के खेल और उसके बाद से हर एशियन गेम्स का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) करता है।

एशियन गेम्स में चीन ने अबतक सबसे ज्यादा 1,342 गोल्ड मेडल जीते हैं। उसके खाते में 900 सिल्वर और 653 ब्रॉन्ज समेत कुल 1895 मेडल हैं। 957 गोल्ड, 980 सिल्वर और 913 ब्रॉन्ज के साथ कुल 2,850 मेडल लेकर जापान दूसरे पायदान पर है। 

गोल्ड के मामले में भारत का छठा स्थान है। भारत ने अबतक 139 गोल्ड, 178 सिल्वर और 299 ब्रॉन्ज समेत कुल 616 मेडल जीते हैं। 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में भारत ने मेडल्स के मामले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। तब भारत ने 14 गोल्ड, 17 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज समेत कुल 65 मेडल जीते थे। हालांकि उसकी रैंकिंग 6 ही थी। 

1951 के पहले एशियन गेम्स में भारत 15 गोल्ड, 16 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज समेत कुल 51 मेडलों के साथ दूसरे पायदान पर रहा था। रैकिंग के हिसाब से यह भारत का अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।