कर्ज लेकर बनी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

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क्रिकेट के लिए उसमें जुनून था. एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने के लिए उसमें हर मुश्किल को पार करने की ताकत थी. बेटी के सपने को साकार करने के लिए मां-बाप 8 हजार का कर्जा लिया और वो बन गई देश की जानी मनी क्रिकेट खिलाड़ी. जी हां बात कर रहे हैं बाएं हाथ की गेंदबाज एकता बिष्ट की. एकता इंग्लैंड खेले जा रहे महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेल रही हैं. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पांच विकेट झटके.

एकता बिष्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना आसान नहीं था. साल 2010 में एकता का चयन इंडिया ए के लिए हुआ. पर मुंबई जाने के लिए उनके पास 10000 रुपये नहीं थे. उनकी माता-पिता के पास सिर्फ 2000 रुपये थे. ऐसे मुंबई जाना आसान नहीं था. लेकिन बुलंद हौसले वाली एकता के आगे किसी की नहीं चली. मां तारा बिष्ट अपने एकता के चाचा से 3000 रुपये उधार लिए और बाकि 5000 रुपये उनके कोच लियाकत अली ने दिये. ऐसे 10000 रुपयों का इंतजाम हुआ और वो मुंबई के लिए चली गईं. इसके बाद उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

साल 2011 में एकता को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मुकाबले में मौका मिला. तब से वो लगातार भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अहम हिस्सा हैं. एकता ने एक टेस्ट खेला है जिसमें उन्होनें तीन विकेट झटके. इसके अलावा वो अबतक 44 वनडे खेल चुकी हैं. जिसमें उन्होंने 3.34 की इकॉनमी के साथ 69 विकेट झटक चुकी हैं. इसके अलावा 36 टी20 मुकाबले में एकता ने 5.37 की इकॉनमी से 45 विकेट लिए हैं.एकता ने छह साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. जब उन्होंने अपनी मां के हाथ में अपनी पहली तनखा 40 हजार उनके हाथ में रखे तब उनकी मां के आंसू छलक आए. एकता युवा गेंदबाज हैं भारतीय टीम को उनसे काफी उम्मीद हैं.