आठ पैरा खिलाड़ियों को खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार मिलना अभूतपूर्व

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नयी दिल्ली, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन थांगवेलु को 29 अगस्त को वर्चुअल सम्मेलन में खेल रत्न से सम्मानित किया जायेगा और यह अभूतपूर्व ही होगा कि उन सहित आठ पैरा खिलाड़ियों को इस बार राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से नवाजा जायेगा। मरियप्पन देश के सबसे बड़े खेल सम्मान खेल रत्न को हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा एथलीट हैं। उनसे पहले पूर्व पैरालंपिक विजेता देवेंद्र झाझरिया और दीपा मलिक को इससे सम्मानित किया गया था। पैरा एथलीट संदीप चौधरी, पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल और पैरा तैराक सुयश जाधव भी उन 27 अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनकी घोषणा  खेल मंत्रालय ने की। इससे अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले पैरा खिलाड़ियों की संख्या 30 तक पहुंच गयी और 1961 में इनके शुरू होने के बाद पैरा खेल जगत से राष्ट्रीय खेल पुरस्कार विजेताओं की कुल संख्या 47 हो गयी।

पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना की बदौलत ही पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पैरा बैडमिंटन ने ऊंचाईयों को छुआ और इस बार उनका नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार की सूची में चार अन्य के साथ शामिल हैं। भारतीय पैरा पॉवरलिफ्टिंग संस्थापक और राष्ट्रीय कोच विजय मुनीशवार को खेल को अपनी सेवायें देने के लिये द्रोणाचार्य आजीवन पुरस्कार हासिल करने वालों की सूची में शामिल किया गया। ध्यानचंद पुरस्कार पाने वालों में जे रंजीत कुमार और सत्य प्रकाश तिवारी को सूची में चुना गया है। भारतीय पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष दीपा मलिक ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ये सम्मान देश में पैरालंपिक आंदोलन की दिशा में बढ़ने के लिये बड़ी प्रेरणा हैं। हमारे खिलाड़ियों और कोचों को पैरालंपिक सपनों को पूरा करने के लिये ये पुरस्कार बिलकुल सही समय आये है। सभी पुरस्कार हासिल करने वालों को दिल से बधाई। ’’ चौबीस साल के मरियप्पन तब सुर्खियों में आये थे जब उन्होंने रियो 2016 पैरालंपिक खेलों के पुरूषों के ऊंची कूद टी42 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था और पिछले साल दुबई में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

अर्जुन और पद्म श्री हासिल कर चुके मरियप्पन के लिये यह सम्मान तोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों की तैयारियों के लिये प्रेरणा का काम करेगा। वहीं चौधरी ने इंडोनेशिया 2018 एशियाई पैरा खेलों में विश्व रिकार्ड के साथ भारत को पहला पदक दिलाया था और 2019 में दुबई में पुरूष भाला फेंक एफ64 वर्ग में अपने रिकार्ड को बेहतर करते हुए वह विश्व चैम्पियन बने थे। वह तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिये भारत के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। अठारह वर्ष के नरवाल अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले दूसरे पैरा निशानेबाज होंगे, उनसे पहले 1997 में नरेश कुमार ने यह पुरस्कार हासिल किया था। इस पुरस्कार से निश्चित रूप से इस युवा को प्रेरणा मिलेगी जो पिछले तीन वर्षों में 19 राष्ट्रीय और 17 अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर अपनी प्रतिभा से सनसनी फैला दी थी। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2020 विजेता पैरा खिलाड़ी : खेल रत्न : थांगवेलु मरियप्पन (पैरा एथलीट) अर्जुन पुरस्कार : संदीप चौधरी (पैरा एथलेटिक्स), मनीष नरवाल (पैरा निशानेबाजी) और सूयश जाधव (पैरा तैराकी) द्रोणाचार्य आजीवन पुरस्कार : विजय मुनीशवार (पैरा पॉवरलिफ्टिंग) ध्यानचंद पुरस्कार : जे रंजीत कुमार (पैरा एथलेटिक्स), सत्य प्रकाश तिवारी (पैरा बैडमिंटन)