जिमनास्ट की 'भगवान' से मिलीं दीपा करमाकर

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मुंबई: दीपा करमाकर को रूस की महान जिमनास्ट नादिया कोमानेकी से मिलने का मौका मिला, जिन्होंने इस भारतीय को अपने प्रोडुनोवा वॉल्ट में कुछ बदलाव करने का भी सुझाव दिया. नादिया ओलंपिक इतिहास में पहली जिमनास्ट बनी थी जिन्होंने 1976 मांट्रियल ओलंपिक में परफेक्ट 10.0 का स्कोर हासिल किया था.

जिमनास्टिक्स में ‘भगवान’ हैं नादिया 
दीपा ने आज यहां पत्रकारों से कहा, ‘वह (नादिया) ने 1976 मांट्रियल ओलंपिक में 10 में से 10 अंक जुटाकर दुनिया में जिमनास्टिक्स को सम्मान दिलाया. जिमनास्टिक्स में हम सभी के लिए नादिया ‘भगवान’ हैं. मुझे उनसे बैठकर बात करने का मौका मिला. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर मैं अपनी प्रोडुनोवा वॉल्ट में कुछ बदलाव करूं तो यह बेहतर होगा. उन्होंने अच्छी टिप्पणी की और मैं उनसे मिलने के लिए उत्साहित थी.’ 

दीपा का लक्ष्य 2020 ओलंपिक, 2018 एशियाई खेल
उनके लक्ष्य के बारे में पूछने पर दीपा ने कहा, ‘2020 ओलंपिक. 2018 एशियाई खेल भी हैं. मेरे कोच ने 2020 खेलों के लिए रोडमैप बनाया है लेकिन मुझसे इसकी चर्चा नहीं की है. लेकिन हमारा मुख्य लक्ष्य वॉल्ट ही होगा. भारत से बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यहां भी सुविधाएं उपलब्ध हैं.’