बेंगलुरु साई सेंटर में खाने की क्वॉलिटी प्रफेशनल यूनिट से काफी

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच हरेंद्र सिंह की शिकायत पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हरेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप के लिए साई के बेंगलुरु सेंटर में तैयारियां कर रहे भारतीय हॉकी टीम के प्लेयर्स को सही और पौष्टिक खाना नहीं मिल पा रहा है। साई ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, 'हम साई सेंटर में खाने की खराब क्वॉलिटी और हाइजीन को लेकर चिंता व्यक्त करते हैं। इससे पहले मार्च में जब खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने दौरा किया था, तब भी बेंगलुरु सेंटर में खाने की समस्या सामने आई थी। पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि एक नया कुक रखा जाए, हाइजीन पर सुधार और अच्छा खाने का सामान सप्लाई करना सुनिश्चित किया जाए।' 

बयान में बताया गया है कि साई महानिदेशक ने रीजनल हेड्स की तत्कालीन बैठक बुलाई और सख्त निर्देश दिए कि इसकी समीक्षा की जाए। रीजनल डायरेक्टर ही खाने की क्वॉलिटी और हाइजीन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा औचक निरीक्षण के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। मामले के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

कोच हरेंद्र ने लिखा पत्र 
हरेंद्र सिंह ने हॉकी इंडिया के प्रेजिडेंट राजिंदर सिंह को पत्र लिख इस बारे में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि साई के बेंगलुरु सेंटर में खिलाड़ियों को मिलने वाले खाने की क्वॉलिटी बेहद खराब है। इसके अलावा उन्होंने किचन में खराब हाइजीन की भी शिकायत की है। उन्होंने साथ ही बताया कि खाने में बाल भी निकल रहे हैं। 

अपने पत्र में कोच हरेंद्र ने लिखा, '..बेंगलुरु साई सेंटर में खाने की क्वॉलिटी प्रफेशनल यूनिट से काफी कम है। खाने में ज्यादा तेल और फैट रहता है, बोन्स हैं जो बिना मीट के मिलते हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों और स्टाफ को खाने में कीड़े और बाल तक मिले हैं। हाइजीन के बारे में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।' सिंह ने साथ ही लिखा कि खिलाड़ियों के हाल में ब्लड रिपोर्ट में खाने से संबंधित विटामिन और मिनरल्स की कमी भी सामने आई है। 

राठौड़ ने भी उठाया था मुद्दा 
केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने साई सेंटर का गत 22 मार्च को दौरा किया था और तब उन्होंने भी खाने की खराब क्वॉलिटी के बारे में रीजनल डायरेक्टर से बात की थी। तब उन्हें भी हॉकी टीमों ने कैंप में खाने की खराब क्वॉलिटी के बारे में जानकारी दी थी। राठौड़ ने तब कहा था, 'मैंने पहले ही रीजनल डायरेक्टर को कह रखा है कि हम शेफ और कुक को ज्यादा पैसे देंगे लेकिन खाने की क्वॉलिटी से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।' 

खिलाड़ियों ने की शिकायत 
हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने कैंप में कई ऐथलीटों से बात की जिसके बाद पता चला कि खाने में पर्याप्त प्रोटीन और विटामिन भी नहीं मिलते हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान जितना प्लेयर्स को सप्लीमेंट, प्रोटीन और विटामिन चाहिए, उतना खाने में नहीं मिलता है। इससे उनका इम्यून सिस्टम, रिकवरी, एनर्जी और मैदान में परफॉर्मेंस पर भी फर्क पड़ता है। प्लेयर्स ने अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की लेकिन कुछ बदला नहीं। कैंप में खराब हाइजीन भी मसला है और ज्यादातर कुक कई बार बिना कैप और ग्लव्स के खाना बनाते हैं।