CWG 2018 :ड्रॉ हुआ भारत-पाकिस्तान का हॉकी मैच

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गोल्ड कोस्ट : पाकिस्तान ने कॉमनवेल्थ खेलों में अंतिम पलों में गोल दाग कर भारत को 2-2 के स्कोर के साथ ड्रा पर रोक दिया. हॉफ टाइम तक भारतीय टीम 2-0 से आगे चल रही थी. भारत का जहां शुरु में शानदार खेल रहा तो वहीं दूसरे हॉफ के बाद पाकिस्तान ने वापसी की लेकिन मैच ड्रॉ कराने के लिए अंतिम क्षणों में मिले पेनाल्टी कॉर्नर का सहारा मिला.

खास बात यह रही कि यह पेनाल्टी कॉर्नर पाकिस्तान को रिफरेल के तहत मिला और इस पेनाल्टी कॉर्नर के गोल के बाद मैच खत्म हो गया. इससे पहले भारत ने शुरू से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाया जिसका फायदा 13वें मिनट में दलप्रीत सिंह के गोल से हुआ. इसके बाद 19 वें मिनट में हरमनप्रीत ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदल कर भारत को 2-0 की बढ़त दिला दी. भारत की यह बढ़त हॉफ टाइम तक कायम रही. 

इसके बाद पाकिस्तान लगातार आक्रमण तो किए लेकिन पाकिस्तान के कई हमलों को भारत के गोलकीपर श्रीजेश ने नाकाम कर दिया, लेकिन पाकिस्तान को 38 वें मिनट में पहली सफलता इरफान जूनियर के गोल से मिली और स्कोर 2-1 हो गया.

तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारत ने ही पाकिस्तान को कई मौके दिए और भारत का आक्रमण भी कमजोर दिखाई दिया लेकिन अंत तक पाकिस्तान स्कोर लेवल नहीं कर सका जब तक कि उसे अंतिम क्षणों में पेनाल्टी कॉर्नर नहीं मिल गया. जिसे गोल में बदल कर पाकिस्तान ने मैच ड्रॉ करने में कामयाबी हासिल की.   

मैच से एक दिन पहले दो बार की रजत पदक विजेता भारतीय टीम के कोच शोर्ड मारिन ने कहा था ,‘‘हम जीत के प्रबल दावेदार होंगे.’ एशियाई दिग्गजों के इस मुकाबले में तनाव से ज्यादा मारिन को चिंता गोल्ड कोस्ट के तापमान को लेकर है.

रणनीति काम नहीं आई कोच मारिन का 
उन्होंने कहा था, ‘यहां बहुत गर्मी है और दोपहर ढाई बजे तो करीब 28.29 डिग्री तापमान रहेगा. इन हालात में खेलना बहुत मुश्किल है, लिहाजा हमें संयम के साथ खेलने की जरूरत है.’ उन्होंने यह भी कहा कि शुरूआती गोल नहीं होने से टीम को दबाव लेने की जरूरत नहीं है. मारिन ने कहा, ‘यदि ऐसा होता है तो भी कोई बात नहीं. हमें संयम के साथ खेलना होगा. मौके खुद ब खुद बनेंगे.’ मारिन की इन उम्मीदों पर आखिरी पलों में हुए गोल ने पानी फेर दिया.

दोनों टीमों के बीच राष्ट्रमंडल खेलों में आखिरी मुकाबला 2010 में दिल्ली में हुआ था जो भारत के लिए यादगार साबित हुआ. भारत ने उस मैच में पाकिस्तान को 7-4 से हराया था. पाकिस्तान ने 2006 मेलबर्न खेलों में भारत को मात दी थी. दोनों टीमें पिछले साल एशिया कप में खेलीं थीं जिसमें भारत ने जीत हासिल की थी. इन खेलों में भारत और पाकिस्तान को इंग्लैंड, वेल्स और मलेशिया के साथ ग्रुप मिला है.

ग्रुप में इंग्लैंड भी है प्रबल दावेदार
भारत और इंग्लैंड इस ग्रुप से प्रबल दावेदार हैं और भारत पहले ही मैच में पाकिस्तान को हराकर मनोबल बढ़ाना चाहेगा. दूसरी ओर भारत के पूर्व कोच रहे रोलेंट ओल्टमेंस अब पाकिस्तान के कोच हैं जिन्हें भारतीय हाकी की समझ होने का फायदा मिल सकता है. भारत के पास रूपिंदर पाल सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरुण कुमार के रूप में चार पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ थे. कप्तान मनप्रीत सिंह मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभाली थी, जबकि एस वी सुनील और गुरजंत सिंह पर आक्रमण की जिम्मेदारी थी. गोलकीपिंग का जिम्मा अनुभवी पी आर श्रीजेश पर रहा.पाकिस्तान के लिये ओल्टमेंस पिछले महीने कोच बनकर आये हैं, जिससे पहले टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. पाकिस्तानी टीम एशिया कप और आस्ट्रेलिया में चार देशों के टूर्नामेंट में हार गई.