रंगभेद के खिलाफ क्रिकेट जगत, ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट

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वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट की सीरीज में ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ लोगो वाली टी-शर्ट पहनकर खेलेगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने भी इसकी मंजूरी दे दी है। कोरोनावायरस के बीच करीब 3 महीने बाद इस सीरीज के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो रही है। पहला टेस्ट 8 जुलाई को इंग्लैंड के साउथैम्पटन में खेला जाएगा।

हाल ही में अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद दुनियाभर में रंगभेद के खिलाफ विरोध शुरू हुआ। इसके बाद फुटबॉल और क्रिकेट के अलावा खेल जगत के सभी खिलाड़ियों ने ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ मूवमेंट को सपोर्ट किया। क्रिकेट में वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर, डेरेन सैमी, क्रिस गेल और ड्वेन ब्रावो ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। आईसीसी ने भी इनका साथ दिया है।

क्रिकेट इतिहास में यह बड़ा बदलाव
जेसन होल्डर ने इसे बड़ा बदलाव बताया है। उन्होंने क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो से कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इसके खिलाफ मजबूत से आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। सभी को जागरुकता के लिए मदद  करना चाहिए। यह खेल, क्रिकेट और वेस्टइंडीज टीम के इतिहास में बड़ा बदलाव है। हम यहां इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने आए हैं, लेकिन इसके साथ दुनिया में चल रहे बराबरी और न्याय की लड़ाई में भी साथ दे रहे हैं।’’

अलीशा ने डिजाइन किया लोगो
ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो को ग्राफिक्स डिजाइनर अलीशा होसना ने तैयार किया है। ठीक इसी तरह का लोगो फुटबॉल टूर्नामेंट इंग्लिश प्रीमियर लीग में भी इस्तेमाल किया गया था। लीग की सभी 20 टीमों के खिलाड़ी लोगो लगी टी-शर्ट पहनकर ही मैच खेले थे।

हर सीरीज से पहले एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरुकता अभियान चले
होल्डर ने कहा कि नस्लवाद को भी क्रिकेट में डोपिंग और मैच फिक्सिंग की तरह गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि टीमों को किसी भी सीरीज से पहले एंटी-डोपिंग और एंटी-करप्शन के साथ एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरूक करने के लिए सेमिनार शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी नस्लीय भेदभाव का अनुभव नहीं किया है, लेकिन मैंने अपने आसपास ऐसा सुना या देखा है। मुझे नहीं लगता कि नस्लवाद किसी भी तरह डोपिंग या भ्रष्टाचार से अलग है। इसके लिए अलग से जुर्माना लगाया जाना चाहिए।’’

खिलाड़ी पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की गवर्निंग बॉडी के एंटी-रेसिज्म कोड के तहत कोई खिलाड़ी तीसरी बार दोषी पाया जाता है, तो उस पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है। वहीं पहली बार गलती के लिए 4 टेस्ट या 8 मैचों में खेलने पर प्रतिबंध लगता है।

सरफराज पर लगा था 4 मैच का प्रतिबंध
पिछले साल पाकिस्तान टीम के कप्तान रहे सरफराज अहमद ने दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर एंडिले फेहुलक्वायो पर नस्लवादी टिप्पणी की थी। इसके बाद सरफराज को 4 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा था।