जयपुर ग्रामीण; राज्यवर्धन के खिलाफ ओलिंपियन कृष्णा पूनिया को टिकट

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दिल्ली.  लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने  चूरू के सादुलपुर से मौजूदा विधायक और ओलिंपियन कृष्णा पूनिया को जयपुर ग्रामीण से टिकट दिया है। उनका मुकाबला इस सीट से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से होगा। सिंह ने 2004 ओलिंपिक में रजत पदक अपने नाम किया था। वहीं, पूनिया ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। 

2014 में राठौड़ ने कांग्रेस के सीपी जोशी को हराया था

2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस के डॉक्टर सीपी जोशी को 3 लाख 32 हजार 896 वोटों से हराया था। जयपुर ग्रामीण लोकसभा में 4.5 लाख जाट,  3.5 लाख यादव, 3 लाख ब्राह्मण, 2.5 लाख वैश्य, 1.5 लाख राजपूत, और 4 लाख एससी-एसटी वोट हैं।

राठौड़ की राजनीतिक पारी : 2014 लोकसभा चुनाव में जयपुर ग्रामीण से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए और मोदी सरकार में मंत्री बने।

ताकत : ग्राउंड कनेक्ट यहां अच्छा है। पांच साल से अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों से मिलते रहे हैं। उनकी समस्याओं पर हमेशा ध्यान दिया है। हालांकि उन्होंने जयपुर नेशनल हाईवे को लेकर काफी दावे किए थे लेकिन उस पर ज्यादा काम नहीं हो सका।

माइनस पॉइंट : सांसद कोष की राशि का पूरा उपयोग नहीं, क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गंभीर पेयजल संकट, जाट मतदाताओं के ध्रुवीकरण होने का खतरा।

पूनिया की राजनीतिक पारी : 2018 में सादुलपुर सीट से पहली बार विधायक चुनी गईं। 2013 में सादुलपुर सीट से ही हारी थीं। 


ताकत : कृष्णा पूनिया का सादुलपुर में ग्राउंड कनेक्ट अच्छा था। महिलाओं में उनकी अच्छी पैठ थी। जातीय राजनीति की बात करें तो पूनिया को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है। यहां करीब 5 लाख जाट, 2 लाख मीणा और करीब 1 लाख मोहम्मडन वोट हैं। यही इनकी ताकत बनेंगे।


माइनस पॉइंट : केंद्र सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से चुनौती। राठौड़ क्षेत्र में 5 साल से सक्रिय हैं, कृष्णा के लिए एकदम नया मैदान है।