अवॉर्ड लेने से पहले ही दुनिया को कह दिया अलविदा

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नई दिल्लीः एथेलेटिक्स कोच पुरुषोत्तम राय का शुक्रवार को निधन हो गया. उन्हें आज खेल दिवस पर वर्चुअल अवॉर्ड समारोह में द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिलना था. उन्हें लाइफटाइम श्रेणी में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था .राय 79 वर्ष थे और उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई.उन्होंने देश को कई बेहतरीन एथेलिट तैयार करके दिए. इनमें एमके आशआ, ईबी शयला, रोसा कुट्टी, अश्विन नचप्पा, मुरली कुट्टन,और जीजी परमिला जैसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का मान-सम्मान बढ़ाया.
 
राय को खेल मंत्रालय के इस बार के नए नियम से अवॉर्ड हासिल करने में आसानी हुई. इस बार खेल मंत्रालय ने नया नियम निकाला था जिसके अनुसार कोई खिलाड़ी और कोच खुद को अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट कर सकते थे. इस नियम की सहायता से वे बाद मंत्रालय की नजर में आए और उन्हें द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए चुना गया. इससे पहले बेंगलुरु के इस दिग्गज कोच का नाम स्टेट एसोसिएशन में हमेशा फंस जाता था.अवॉर्ड के लिए नामित होने के बाद राय ने एक अखबार से बात हुए कहा था कि 'इस अवॉर्ड ने मुझे संतोष दिया है क्योंकि मैंने बिना एसोसिएशन के इसे हासिल किया है. मेरे योगदान के लिए मुझे सम्मान दिया जा रहा है, मैं मंत्रालय के इस फैसले से खुश हूं.' राय का कहना था कि उन्होंने हमेशा से खिलाड़ीयों को ही सब कुछ माना और उनके इंसाफ के लिए बड़े-बड़े लोगों से भी भिड़ गए.राय ने 1987 की विश्व एथेलेटिक्स चैम्पियनशिप, 1988 की एशियन ट्रैक एंड फील्ड चैंपियनशिप सहित कई टूर्नामेंट्स के  के लिए भारतीय टीम को भी कोचिंग दी.