हारकर भी पीवी सिंधु ने रचा इतिहास

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एशियन गेम्स-2018 में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु इतिहास रचते-रचते चूक गईं.ताइवान की ताई ज़ू यिंग ने बैडमिंटन के महिला एकल के फाइनल में सिंधु को सीधे गेम में 21-13, 21-16 से मात दी.खेल के दौरान सिंधु की छोटी-छोटी ग़लतियां उन्हीं पर भारी पड़ गईं. सिंधु के पास जब मौक़े आए तो उन्होंने उसका फ़ायदा नहीं उठाया. ताइवान की ताई ज़ू यिंग वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी हैं और उन्होंने इस मैच में ख़ुद को साबित भी किया.हालांकि इसके बावजूद एशियन गेम्स 2018 में पीवी सिंधु और सायना नेहवाल ने इतिहास रचा है. 1982 में सैयद मोदी के बाद बैंडमिंटन में पहली बार दोनों ने भारत को मेडल दिलवाया है. सैयद मोदी को 1982 में कांस्य पदक मिला था.सेमीफ़ाइनल में 23 साल की सिंधु जापान की अकाने यामागुची को हराकर फ़ाइनल में पहुंची थीं. सेमीफ़ाइनल में विश्व बैडमिंटन में तीसरे नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची 21-17 15-21 21-10 से हराया था.महिला बैडमिंटन में भारत का प्रभाव दुनिया भर में बढ़ा है. इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक सिंधु को मिला और कांस्य सायना नेहवाल को.सिंधु ओलंपिक में रजत पदक जीत चुकी हैं.बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु दुनिया की 7वीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली महिला खिलाड़ी हैं. फोर्ब्स ने दुनिया में सबसे ज़्यादा कमाने वाली महिला खिलाड़ियों की सूची तैयार की है.रियो ओलंपिक में भारत को रजत पदक दिलाने वाली पीवी सिंधु ने जून 2017 से जून 2018 के बीच 85 लाख डॉलर कमाए. इसमें इनाम में जीती राशि और विज्ञापन की फ़ीस भी शामिल है. फ़ोर्ब्स की सूची में सबसे ऊपर टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स का नाम है.सिंधु को 23 साल की उम्र में ही राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड और पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है.

 

कब-कब एशियाई खेलों में पदक मिले हैं-

1. महिला सिंगल्स : कांस्य पदक- साइना नेहवाल को 2018 में (जकार्ता)

2. पुरुष सिंगल्स : कांस्य पदक- सैयद मोदी को 1982 में (दिल्ली)

3. पुरुष डबल्स : कांस्य पदक- लेरॉय और प्रदीप गांधे की जोड़ी को 1982 में (दिल्ली)

4. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1974 में (तेहरान)

5. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1982 में (दिल्ली)

6. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1986 में (सिओल)

7. महिला टीम: कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)

8. महिला टीम: कांस्य पदक- 2014 (इंचियोन)

9. मिक्स्ड डबल्स (लेरॉय और कंवल ठाकर सिंह)- कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)