एशियाई खेल 2018 : 67 सालों बाद भारत ने दिखाया दम

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इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे 18वें एशियाई खेलों के चौदहवें दिन ब्रिज प्रतियोगिता में भारत के प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार ने जैसे ही गोल्ड मेडल हासिल किया, उन्होंने इतिहास बना दिया.उन्होंने न सिर्फ़ इस गेम में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता बल्कि एशियाई खेलों में भारत के गोल्ड मेडलों की संख्या 15 कर दी.यह 1951 के बाद भारत का एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.यानी भारत ने स्वर्ण पदकों के मामले में 67 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.

कैसा था 1951 में भारत का प्रदर्शन

साल 1951 में हुए एशियाई खेलों को पहले एशियाई खेल कहा जाता है. इनका आयोजन दिल्ली में 4 से 11 मार्च के बीच हुआ था. इन्हें फ़र्स्ट एशियाड भी कहा जाता है.आयोजन समिति ने एशिया के लगभग सभी देशों को न्योता भेजा था मगर चीन की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया था जबकि कश्मीर विवाद के कारण पाकिस्तान ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.इन खेलों में भारत समेत 11 देशों के 189 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. मेडल टेली में जापान सबसे ऊपर था और उसके बाद भारत दूसरे नंबर पर था. जापान को 24 गोल्ड, 21 सिल्वर और 15 कांस्य पदकों के साथ कुल 60 पदक मिले थे वहीं भारत को 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य पदकों के साथ 41 पदक मिले थे.

इस बार कुल मेडल भी ज़्यादा

जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों के मामले में जहां भारत ने 1951 के रिकॉर्ड की बराबरी की हैं, वहीं मेडलों की कुल संख्या के आधार पर भी उसने इन खेलों के इतिहास में अपना बेस्ट रिकॉर्ड बनाया है.

15 स्वर्ण, 24 रजत और 29 कांस्य पदकों को मिलाकर भारत के कुल पदकों की संख्या 69 हो गई है. इससे पहले भारत ने साल 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियाई खेलों में 65 मेडल हासिल करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था.

13वें दिन के अंत तक यानी शुक्रवार को ही भारत ने ग्वांगझू एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन की बराबरी कर ली थी. मगर शनिवार को भारतीय बॉक्सर अमित पंघल ने 49 किलोग्राम वर्ग में जैसे ही उज़्बेकिस्तान के हसनबॉय दस्मातोव को हराया, उन्होंने न सिर्फ़ अपने लिए गोल्ड जीता बल्कि भारत के लिए नया रिकॉर्ड भी बना दिया.

इसके बाद ब्रिज में शिवनाथ सरकार और प्रणव वर्धन की जोड़ी ने गोल्ड हासिल किया. भारत को एक और गोल्ड मिलने की उम्मीद थी मगर भारतीय महिला स्क्वॉश टीम को फ़ाइनल में हॉन्ग कॉन्ग से 0-2 से हार का सामना करके रजत से ही संतोष करना पड़ा.शनिवार को भारत के पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को हरा कांस्य पदक अपने नाम कर लिया.इस तरह से अभी तक दो स्वर्ण और एक रजत पदक मिलने से भारत के कुल मेडलों की संख्या 68 हो गई जो कि उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

पदक तालिका में भारत कहां

पिछले एशियाई गेम्स (2014) में भारत 57 पदक ही जीत पाया था, जिनमें 11 स्वर्ण पदक थे. भारत दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए खेलों में आठवें नंबर पर रहा था.अब भी भारत आठवें नंबर पर है मगर उसके पास एक और मेडल जीतने की संभावना है.अभी पदक तालिका में सबसे ऊपर चीन है जिसने 124 स्वर्ण पदकों समेत कुल 275 पदक हासिल किए हैं. दूसरे नंबर पर जापान है जिसने 70 गोल्ड समेत 196 पदक जीते हैं. तीसरे नंबर पर कोरिया है जिसके नाम पर 46 गोल्ड समेत कुल 167 पदक हैं.भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान चार कांस्य पदक ही हासिल कर पाया है और वह 34वें नंबर पर है. उससे ठीक ऊपर नेपाल है जिसने एक रजत जीता है.

18वें एशियाई खेलों का इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में रविवार को रंगारंग समारोह के साथ साल 2022 में चीन के हैंगजू में मिलने के वादे के साथ समापन हो गया। इन एशियाई खेलों में खिलाड़ियों ने कई रिकॉर्ड बनाए। लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी हुईं जो अनायास ही आपका ध्यान अपनी ओर खीच लेती हैं। आईए 18वें एशियाई खेलों की कुछ ऐसी ही अनोखी या कहें स्पेशल बातों पर नजर डालते हैं। जिसके लिए इन खेलों को हमेशा याद किया जाएगा। 

पहली बार दो शहरो ने की मेजबानी 
एशियाई खेलों के 67 साल के इतिहास में पहली बार दो शहरों ने एशियाई खेलों की मेजबानी की। दोनों ही शहर भूमध्य रेखा से नीचे यानी दक्षिणी गोलार्ध में स्थित थे। 1962 और 2018 एशियाई खेलों के अलावा अन्य सभी संस्करणों का आयोजन उत्तरी गोलार्ध में हुआ। 

पहली बार महिला खिलाड़ी बनीं मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर 
जापान की 18 वर्षीय तैराक रिकाको इकी 18वें एशियाई खेलों की सबसे सफल एथलीट रहीं। रिकाको ने कुल छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वह इन खेलों में छह स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली तैराक हैं। उन्होंने 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 8 पदक अपने नाम किए। उन्हें जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों में मोस्ट वैल्यूएबल खिलाड़ी घोषित किया। एशियाई खेलों के 67 साल के इतिहास में वह एमवीपी अवार्ड पाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। 

एशियाई खेलों की सबसे कम उम्र की पदक विजेता 
इंडोनेशिया की 12 वर्षीय बुंगा नियामस ने एशियाई खेलों में एक नया इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की स्केटबोर्ड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों के इतिहास में पदक हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट बन गईं। 

सबसे उम्रदराज और सबसे युवा एथलीट के बीच 74 साल का अंतर 
आप माने या ना मानें एशियाई खेल 2018 के सबसे युवा और सबसे उम्रदराज खिलाड़ी के बीच 74 साल का अंतर था। फिलीपींस के  85 वर्षीय कांग ते यांग ने ब्रिज में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया।वहीं 18वें एशियाई खेलों में भाग लेने वाले सबसे युवा खिलाड़ी मलेशिया का इयान नुरमन अमरी रहे। 11 वर्षीय अमरी ने मलेशिया की ओर से स्केटबोर्ड स्पर्धा में भाग लिया। 

81 साल की उम्र में एशियाई खेलों में डेब्यू 18वें एशियाई खेलों में पदक जीतने वाला सबसे अमीर खिलाड़ी 
इंडोनेशिया की ओर से ब्रिज में भाग लेने वाले ली हुंग फॉन्ग एशियाई खेलों के इंतिहास में सबसे अधिक उम्र में एशियाई खेलों में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी है। उन्होंने 81 वर्ष की उम्र में ये कारनामा किया। इंडोनेशिया के सबसे अमीर व्यक्ति ली हुंग फॉन्ग ने 18वें एशियाई खेलों में ब्रिज की सुपर मिक्स्ड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें इंडोनेशिया का वारेन बफेट कहा जाता है। उनके नाम कुल संपत्ति 8.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। वह जब 9 साल के थे तब से ब्रिज खेल रहे हैं। उन्हें इंडोनेशिया में ब्रिज के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है।