कोरोना वायरस के कारण 'भारतीय' खिलाड़ी की मौत

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) ने भारतीय मूल के मैराथन रनर अमरिक सिंह को भी अपना शिकार बना लिया. दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन रनर 109 साल के फौजा सिंह के सबसे अच्‍छे दोस्‍त और रनिंग साथी 89 साल के अमरिक ने 22 अप्रैल को बर्मिंघम सिटी हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली. हॉस्पिटल में डॉक्‍टर्स को उनके बचाने के साथ साथ उनके शब्‍दों को समझने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा. वे शब्‍द, जो उनकी जिंदगी के आखिरी शब्‍द साबित हुए. अमरिक के पोते 34 साल के पमन सिंह ने बताया उनके दादा के आखिरी शब्‍द वाहेगुरु था. ग्‍लास्‍गो में रह रहे अमरिक अपने पीछे 650 से भी अधिक मेडल छोड़ कर गए हैं, जो उन्‍होंने दुनियाभर की कई दौड़ में जीते थे.अमरिक ने 46 की उम्र में दौड़ना शुरू किया था और उन्‍होंने 26 बार लंदन मैराथन में हिस्‍सा लिया था. उनके पोते ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी अमरिक 12 फरवरी से 13 मार्च तक अपने मूल गांव में सेवा करने गए थे. अमरिक का मूल गांव पंजाब के जालंधर स्थित पड्डी खालसा में है. उन्‍होंने अपने मूल गांव में नेत्र जांच शिविर लगाया, बेघर लोगों और गरीब बच्‍चों की पढ़ाई के लिए डोनेशन इकट्ठा किया. मेडिकल कैंप में भी वह मरीजों की बेड शीट बदल देते थे, वाशरूम ले जाने में मदद करते थे. स्‍कॉटलैंड में वह जो डोनेशन इकट्ठा करते थे, उसे भारत में अपने गांव के गरीब बच्‍चों को बांट देते थे. भारत जाने से पहले वह बच्‍चों के लिए नए कपड़े भी खरीदते थे.पमन सिंह ने बताया कि 13 मार्च को वह भारत से बर्मिंघम लौटे थे और अपनी बेटी के घर रुके थे. वह पूरी तरह से ठीक लग रहे थे. हालंकि शुरुआत में उन्‍हें स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर कुछ समस्‍या थी, मगर वह सब सही हो गई थी. अचानक 12 अप्रैल को उनमें वायरस के लक्षण नजर आने लगे. बाद में उनका टेस्‍ट भी पॉजिटिव आया और इसके 10 दिन भी उन्‍होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.